सुकमा में कुपोषण के खिलाफ मजबूत पहल

सुकमा, 20 मार्च 2026/sns/-कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिले में प्रशासन ने कुपोषण के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए व्यापक रणनीति के साथ कार्य शुरू कर दिया है। 15 दिसंबर 2025 से शुरू इस विशेष अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के चुनिंदा जिलों में सुकमा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है, जिससे बच्चों और माताओं के पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने पर फोकस किया जा रहा है।
कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में 18 एवं 19 मार्च 2026 को सुकमा, दोरनापाल और कोंटा परियोजनाओं में सुपोषण दूतों एवं महिला स्व-सहायता समूहों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की पहचान, देखभाल और नियमित निगरानी की विस्तृत कार्ययोजना से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से SAM और MAM श्रेणी के बच्चों के पोषण प्रबंधन, एनीमिया से ग्रसित माताओं की देखरेख तथा घर-घर निगरानी प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही समुदाय में संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अभियान का प्रभाव जमीनी स्तर तक पहुंचे।
प्रशासन की इस पहल से न केवल कुपोषण के खिलाफ ठोस लड़ाई को बल मिला है, बल्कि सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है। प्रतिभागियों ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लेते हुए विश्वास जताया कि नियमित निगरानी और सामूहिक प्रयासों से सुकमा जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *