दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना से खिली हजारों चेहरों पर मुस्कान

बिलासपुर, 26 मार्च 2026/sns/-पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूरों को राहत मिली है। योजना के तहत जिले के 39 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रति हितग्राही 10 हजार रुपए की सहायता राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार जिले से इस राशि का अंतरण किया गया। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बलौदा बाजार जिले से राज्य के लाखों भूमिहीन मजदूरों की डीबीटी के जरिए राशि हस्तांतरित की गई। हितग्राहियों के खाते में राशि पहंुचते ही मैसेज प्राप्त होने पर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। आर्थिक रूप से कमजोर एवं भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए यह सहायता राशि किसी संबल से कम नहीं है। दैनिक मजदूरी पर निर्भर इन परिवारों के लिए यह राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित हो रही है। जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के हितग्राहियों ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समय पर मिली यह सहायता राशि घर-गृहस्थी के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगी। ग्राम नगोई की हितग्राही दुर्गा केंवट और बेसाखा बाई ने कहा कि सरकार द्वारा मिल रही इस एकमुश्त सहायता राशि से उनके कई कार्य पूरे हो सकेंगे। ग्राम महमंद के किसान दशरथ निर्मलकर और छतलाल ने बताया कि वह इस राशि का उपयोग गाय खरीदने के लिए करेंगे, जिससे वे अपनी आजीविका बढ़ा सके। वहीं बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम भिमनी के किसान शिवकुमार यादव ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। ग्राम जलसो की राजकुमारी और ग्राम नगोई की बृहस्पति केंवट ने कहा कि हम जैसे गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह एक संवेदनशील पहल है। जिसका लाभ हमें तीन वर्षाें से मिल रहा है। हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के हित में बड़ी पहल है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया। पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया गया। प्रशासनिक अमले द्वारा गांव-गांव एवं वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को जागरूक किया गया तथा उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजना का लाभ केवल पात्र एवं वास्तविक हितग्राहियों तक ही पहुंचे। इसके लिए नियमित समीक्षा, मॉनिटरिंग एवं मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही जिसके फलस्वरूप जिले में योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ और हजारों पात्र परिवारों को योजना का सीधा लाभ मिल सका।

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