’बिहान’ ने बदली सूरजपति की तकदीर, ऑटो रिक्शा और किराना दुकान से बनीं आत्मनिर्भर ’लखपति दीदी’

अम्बिकापुर, 10 अप्रैल 2026/sns/-  कभी आर्थिक तंगी के दौर से गुजरने वाली सूरजपति ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर न केवल अपनी गरीबी को मात दी है, बल्कि अब वे सालाना 1.80 लाख रुपये की आय अर्जित कर ’लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। जिले के जनपद पंचायत बतौली के ग्राम तारागी की रहने वाली श्रीमती सूरजपति आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक जीवंत उदाहरण बन गई हैं।

आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर
श्रीमती सूरजपति बताती हैं कि शुरुआती दिनों में उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसी बीच वर्ष 2020 में उनके जीवन में ’बिहान’ योजना ने दस्तक दी। वे स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जहाँ उन्हें उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला।  

ऋण की राशि से खड़ा किया खुद का व्यवसाय
अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए श्रीमती सूरजपति ने समूह के माध्यम से 60,000 रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि का उन्होंने सूझबूझ से निवेश किया और एक ऑटो रिक्शा संचालन के साथ-साथ अपनी खुद की एक किराना दुकान भी शुरू की।  

दैनिक आय और आर्थिक सशक्तिकरण
श्रीमती सूरजपति वर्तमान में दो व्यवसायों के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हैं, जिनमें किराना दुकान से उन्हें लगभग 200 रुपये प्रतिदिन तथा ऑटो रिक्शा संचालन से लगभग 300 रुपये प्रतिदिन की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार उनकी कुल दैनिक आय लगभग 500 रुपये है, जो वार्षिक रूप से लगभग 1,80,000 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने बिहान योजना के लिए शासन प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

जीवन स्तर में सुधार और आत्मविश्वास का संचार
आज श्रीमती सूरजपति पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर रही हैं। उनके जीवन स्तर में आए इस सकारात्मक बदलाव ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) ग्रामीण महिलाओं को सही अवसर और आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें सशक्त बना रहा है।

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