सीमित संसाधनों के बावजूद मत्स्य पालन बना आय का जरिया
मुंगेली, 10 अप्रैल 2026/sns/- जिले के ग्राम बढ़ियाडीह (मदकू) के मत्स्य किसान श्री जगदीश निषाद ने सीमित संसाधनों के बावजूद मछली पालन को अपनाकर सफलता की प्रेरक कहानी लिखी है। उन्होंने अपने लगभग 0.5 हेक्टेयर के तालाब में वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन कर न केवल अपनी आय में वृद्धि की, बल्कि अन्य ग्रामीणों के लिए भी एक मिसाल प्रस्तुत की है। श्री निषाद ने तालाब की समुचित तैयारी करते हुए चूना एवं खाद का प्रयोग किया तथा रोहू, कतला, मृगल और ग्रास कार्प जैसी उन्नत प्रजातियों के लगभग 4500 फिंगरलिंग का संचयन किया। समय-समय पर संतुलित आहार और उचित प्रबंधन के कारण मछलियों की तेजी से वृद्धि हुई, जिससे उत्पादन बेहतर हुआ।
मत्स्य पालन विभाग के सहायक संचालक श्री आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि किसान श्री निषाद के प्रयासों और लगन को देखते हुए मत्स्य पालन विभाग द्वारा उन्हें मत्स्याखेट के लिए जाल उपलब्ध कराया गया। साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड ऋण हेतु जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सरगांव में आवेदन भी कराया गया। लगभग एक वर्ष में उत्पादन प्राप्त होने पर उन्होंने करीब 02 क्विंटल मछलियों का विक्रय किया, जिससे उन्हें लगभग 1.5 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। इसमें से लगभग 01 लाख रुपये शुद्ध लाभ के रूप में अर्जित हुए। श्री निषाद ने बताया कि मछली पालन एक लाभकारी व्यवसाय है, जिसे सही तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के साथ अपनाकर ग्रामीण क्षेत्र में अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि मेहनत, लगन और वैज्ञानिक पद्धति से कोई भी किसान आत्मनिर्भर बन सकता है।