सुशासन तिहार 2026: लकड़ी के चूल्हे से मिली मुक्ति, उज्ज्वला योजना से घर-घर पहुंची गैस*आरंग के ग्राम छटेरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा मिला

**ग्रामीण महिलाओं के रोजमर्रा की जिंदगी हुई आसान*रायपुर, 04 मई 2026/सुशासन तिहार 2026 के तहत आरंग के ग्राम छटेरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नई रोशनी भर दी है। वर्षों से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की मजबूरी झेलती आ रही गांव की महिलाएं महिलाएं आज बेहद खुश है, क्योंकि जनसमस्या निवारण शिविर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया गया है।गर्मी, धुआँ और हर दिन लकड़ी जुटाने की चिंता ग्राम पारागांव की श्रीमती पार्वती कुंभकार के लिए हमेशा से एक बड़ी परेशानी रही। बच्चों की देखभाल के बीच लकड़ी से चूल्हा जलाना उनके लिए थका देने वाला काम बन गया था। गैस कनेक्शन के लिए उन्होंने कई बार पैसे जोड़े, लेकिन पूरी राशि एक साथ जमा न कर पाने के कारण वह गैस कनेक्शन नहीं ले पाईं।पार्वती ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों से छटेरा गाँव में सुशासन तिहार के तहत शिविर लगने की बात पता चली। जिसमें ग्रामीण अपना आवेदन देकर शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन की जांच के उपरांत खाद्य विभाग द्वारा उनका चयन किया गया और उन्हें शिविर में गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए बुलाया गया।शिविर में कैबिनेट मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब ने गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया। गैस चूल्हा मिलने के बाद पार्वती ने बताया कि लकड़ी का चूल्हा जलाना उनके लिए बेहद कठिन था और अब गैस मिलने से खाना बनाना बहुत आसान हो गया है। उन्होंने कहा घरवालों के लिए कभी भी तुरंत चूल्हा जलाकर भोजन बनाना मुश्किल था, लेकिन अब केवल लाइटर ऑन करने भर से खाना-नाश्ता आसानी से तैयार हो जाएगा।पार्वती को यह गैस कनेक्शन पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया गया है। ग्राम छटेरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्रीमती मैना पटेल, श्रीमती पुष्पा कुंभकार, श्रीमती जानकी निषाद, श्रीमती भगवती सतनामी तथा श्रीमती मोगरा सतनामी को भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन और चूल्हा प्रदान किया गया। महिलाओं ने गैस मिलने पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजना से उन्हें असल लाभ प्राप्त हुआ है और सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम ग्रामीण हितग्राहियों के लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो रहे हैं।

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