जगदलपुर उप-निर्वाचन की घोषणा के साथ संपत्ति विरूपण पर लगा कड़ा प्रतिबंध
जगदलपुर, 11 मई 2026/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम के अंतर्गत आने वाले इंदिरा गांधी वार्ड (वार्ड क्रमांक 16) के लिए उप-निर्वाचन 2026 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। निर्वाचन की अधिसूचना के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए बस्तर जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों की सुरक्षा हेतु सख्त दंडात्मक आदेश जारी किए हैं। आगामी 11 मई से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद जून के प्रथम सप्ताह में मतदान और मतगणना संपन्न कराई जाएगी।
इस चुनावी प्रक्रिया के दौरान संपत्तियों को विरूपित होने से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। कलेक्टर के आदेशानुसार किसी भी शासकीय या अशासकीय भवन, बिजली के खंभों, टेलीफोन के टावरों या अन्य सार्वजनिक ढांचों पर बिना अनुमति के नारे लिखना, पोस्टर चिपकाना या झंडे लगाना अब एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। यदि कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और संबंधित अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रशासन ने संबंधित थाना क्षेत्र में एक लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता तैनात किया है। यह दस्ता सीधे संबंधित थाना प्रभारी के मार्गदर्शन में कार्य करेगा और क्षेत्र का निरंतर भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेगा कि कहीं भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो। इस दस्ते को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर पाए जाने वाले किसी भी अवैध प्रचार साहित्य, बैनर या कट-आउट्स को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाए ताकि साक्ष्यों के साथ पारदर्शिता बनी रहे।
वहीं निजी संपत्तियों के उपयोग को लेकर भी प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत कोई भी प्रत्याशी या राजनीतिक दल किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए तभी कर पाएगा, जब उसके पास संपत्ति स्वामी की स्पष्ट लिखित सहमति होगी। बिना लिखित अनुमति के निजी मकानों पर झंडे या पोस्टर लगाना विरूपण माना जाएगा और शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा त्वरित जांच कर सक्षम न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।