झापरा शिविर में मौक़े पर ही बंटे 35 प्रमाण पत्र

सुकमा, 18 मई 2026/sns/-कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में “सुशासन तिहार“ की बयार बह रही है। इसी कड़ी में सुकमा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत झापरा में सोमवार को सुशासन शिविर का आयोजन किया गया, जो ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। इस विशेष शिविर में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित किया। प्रशासन ने इस मंच का उपयोग न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए किया, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, आवेदन प्रक्रियाओं और सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें जागरूक और सशक्त भी बनाया।
तहसीलदार की मौजूदगी में बंटा प्रमाणपत्र, ग्रामीणों को मिले जाति, निवास और राजस्व दस्तावेज
शिविर के दौरान सुकमा तहसीलदार श्री गिरीश निम्बालकर, सरपंच श्रीमती मुन्नी मड़कामी, उपसरपंच प्रवीण बारसे की मौजूदगी में प्रशासनिक काम-काज की रफ्तार देखने लायक थी। ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनका मौके पर ही त्वरित समाधान किया गया। शिविर में सुशासन का सीधा लाभ देते हुए पात्र हितग्राहियों को 08 जाति प्रमाण पत्र और 12 निवास प्रमाण पत्र सौंपे गए, जिससे युवाओं और स्कूली बच्चों का लंबा इंतजार खत्म हुआ। इसके साथ ही कृषकों को संबल प्रदान करते हुए 08 किसान किताब और 02 नामांतरण आदेश का भी वितरण किया गया, जिससे राजस्व संबंधी मामलों में ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
डिजिटल क्रांति से जुड़े अन्नदातारू 5 किसानों का हुआ एग्रीस्टैक पंजीयन
इस सुशासन शिविर की एक और बड़ी उपलब्धि आधुनिक तकनीक से किसानों को जोड़ना रही। शिविर में 05 प्रगतिशील किसानों का एग्रीस्टैक  पंजीयन किया गया, जो आने वाले समय में उन्हें डिजिटल कृषि सेवाओं और पारदर्शी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा। ग्रामीणों की शिकायतों का संवेदनशीलता से निराकरण करने और उन्हें उनके अधिकार सौंपने की जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल की सराहना की जा रही है।

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