सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त केंद्र बनेगा नया सामाजिक भवन श्री राजेश अग्रवाल
अम्बिकापुर, 25 मई 2026/sns/- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के ग्राम देवगढ़ उदयपुर में कंवर समाज विकास समिति, सरगुजा के तत्वावधान में नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने में ऐसे सामाजिक भवनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सामुदायिक सहयोग और सांस्कृतिक जागरूकता का जीवंत केंद्र बनेगा। मंत्री श्री अग्रवाल ने कंवर समाज द्वारा सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक जीवन मूल्यों और सामाजिक सौहार्द में निहित है। राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की दिशा में कार्य कर रही है तथा सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण एवं सामाजिक संगठनों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक भवन समाज के लोगों को एक मंच प्रदान करते हैं, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन सहज रूप से किया जा सकता है। इससे समाज में संवाद, सहयोग और संगठन की भावना और अधिक मजबूत होती है। मंत्री श्री अग्रवाल ने समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आने वाले समय में समाज के युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों के लिए उपयोगी केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि समाज की संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में कंवर समाज सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के विभिन्न समाजों और समुदायों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा के विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने मंत्री श्री अग्रवाल का आत्मीय स्वागत किया। पूरे आयोजन में सामाजिक उत्साह, सांस्कृतिक आत्मीयता और सामुदायिक सहभागिता का वातावरण देखने को मिला।