राष्ट्रीय मंच पर चमका छत्तीसगढ़रू धर्मजयगढ़ परियोजना को मिला ‘बेस्ट परफॉर्मिंग आईटीडीए-आईटीडीपी’ सम्मानजनजातीय विकास के उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के लिए भारत सरकार ने किया सम्मानित, 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान

रायपुर, 04 जून 2026/ जनजातीय विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के लिए छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित “नेशनल कॉन्क्लेव ऑन स्ट्रेंथनिंग आईटीडीए-आईटीडीपी” में रायगढ़ जिले की एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना (आईटीडीपी) धर्मजयगढ़ को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग आईटीडीए-आईटीडीपी’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। इस उपलब्धि के लिए परियोजना को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। धर्मजयगढ़ परियोजना को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल रायगढ़ जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि राज्य शासन के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावी नीति-निर्माण, जनजातीय कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता तथा जमीनी स्तर पर समर्पित कार्य संस्कृति को भी रेखांकित करती है। यह सम्मान जनजातीय समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों, नवाचारों तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में जनजातीय विकास के क्षेत्र में किए जा रहे सतत और परिणाममुखी प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना का प्रतीक है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जनजातीय कार्य विभाग तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के जनजातीय अंचलों में विकास और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। यह उपलब्धि आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन और विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा आयुक्त डॉ. राहुल वेंकट के प्रयास से संभव हो पाया है। प्रमुख सचिव श्री बोरा के विभागीय योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग, प्रभावी निर्देशन और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को यह सम्मान नई पहचान प्रदान करेगा तथा प्रदेश की अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

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