सिंगल विंडो कक्ष में मिनटों में बन रहे शासकीय दस्तावेज 5311 ग्रामीण हुए लाभान्वित
सुकमा, 16 जून 2026/sns/- दफ्तरों के चक्कर काटने की थकान, फाइलों का बोझ और समय की बर्बादी सुकमा के ग्रामीणों के लिए यह सब अब बीते दिनों की बात हो चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सुकमा जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में एक ऐसी संवेदनशील पहल की है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था का चेहरा ही बदल दिया है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा शुरू किया गया “सिंगल विंडो“ (एकल खिड़की) कक्ष आज दूरस्थ वनांचलों से आने वाले ग्रामीणों के लिए अटूट भरोसे और त्वरित समाधान का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। एक ही छत के नीचे सभी प्रकार के शासकीय दस्तावेज तत्काल और आसानी से बन रहे हैं।
बंदूक छोड़ी, अब चुनेंगे अपनी सरकाररू ओयाम और मुचाकी की नई जिंदगी
प्रशासनिक संवेदनशीलता का सबसे भावुक और ऐतिहासिक दृश्य तब देखने को मिला, जब पुनर्वास केंद्र से समाज की मुख्यधारा में लौटे मुचाकी जोगा और ओयाम जोगा के हाथों में तत्काल वोटर आईडी कार्ड थमाया गया। कभी बंदूक की राह पर रहे इन युवाओं की आँखों में अब लोकतंत्र का हिस्सा बनने की चमक साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जंगल में रहते समय हमें किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं थी, लेकिन अब हम हथियार छोड़कर शासन के साथ जुड़ गए हैं। पहली बार हमारा वोटर आईडी बना है, अब हम भी वोट डालेंगे और अपना प्रतिनिधि खुद चुनेंगे। बदलाव की यह मुस्कान प्रशासन की इस मुहिम की सबसे बड़ी सफलता है।
61 किलोमीटर दूर से आईं शांति सोड़ी की दूर हुई चिंता
जिला मुख्यालय से लगभग 61 किलोमीटर दूर, घने जंगलों के बीच बसे मुंडवाल गांव से आईं श्रीमती शांति सोड़ी इस प्रशासनिक बदलाव की प्रत्यक्ष गवाह बनीं। शांति अपनी 4 वर्षीय बेटी दिव्यांशी का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने और अपने वोटर आईडी की फोटो अपडेट कराने आई थीं। उन्होंने बताया कि यहाँ मौजूद स्टाफ ने बेहद आत्मीयता से उनका फॉर्म भरा और बिना किसी परेशानी के मिनटों में दोनों काम पूरे कर दिए। एक ही छत के नीचे सारी उलझनों को दूर होते देख शांति ने मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया। इसीलिए प्रकार रोकेल निवासी श्री गुड्डी के राशन कार्ड में बेटे रोहित का नाम तत्काल अपडेट किया गया।
एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएंरू कलेक्टर श्री अमित कुमार
इस सफल नवाचार को लेकर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन की कार्यप्रणाली को पूरी तरह सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना है। सुदूर वनांचलों से आने वाले ग्रामीणों को आधार, राशन कार्ड, श्रम कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड जैसे बुनियादी अधिकारों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यही इस सिंगल विंडो कक्ष की मूल भावना है। इससे ग्रामीणों के समय और पैसे, दोनों की बड़ी बचत हो रही है।
आंकड़ों में सुशासन की सफलता, 5311 ग्रामीण लाभान्वित
यह सिंगल विंडो सिस्टम सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि सुकमा मॉडल की एक मिसाल बन चुका है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि महज एक दिन (मंगलवार) में ही 83 से अधिक आवेदनों का मौके पर निपटारा किया गया। वहीं, 16 मार्च 2026 से लेकर अब तक 5,311 से अधिक नागरिक इस त्वरित सुविधा का सीधा लाभ उठा चुके हैं। जहाँ पहले दफ़्तरों के चक्कर काटना ग्रामीणों के लिए निराशा का सबब होता था, वहीं अब चेहरे पर राहत की मुस्कान और हाथ में अपना अधिकार लेकर लौटते हितग्राही इस पहल की कामयाबी की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।