पीएम किसान सम्मान निधि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जारी किया 23वीं किस्त
मुंगेली, 20 जून 2026/sns/- खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले जिले के किसानों को बड़ी राहत और आर्थिक संबल मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के साथ ही मुंगेली जिले के 85 हजार 324 किसानों के बैंक खातों में सीधे 17 करोड़ 06 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए। इस अवसर पर जिले में पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें किसानों को योजना का लाभ मिलने पर बधाई दी गई तथा प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बीज निगम धरमपुरा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन एवं निधि हस्तांतरण का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने कहा कि कृषि और ऋषि परंपरा भारत की संस्कृति की पहचान रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और लोगों को स्वस्थ जीवन मिलता है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार दलहन फसलों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है तथा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सम्मान निधि अंतर्गत यह आर्थिक सहायता के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल खेती की दिशा में जिले के कृषि विकास को नई गति देने वाली साबित होगी।
बिल्हा विधायक श्री कौशिक ने किसानों को जैविक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान करते हुए कहा कि बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के कारण जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को कृषि क्षेत्र में नई पहचान और आय के अवसर प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले इस आयोजन ने किसानों में नया उत्साह पैदा किया है।
मुंगेली विधायक श्री मोहले ने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। इससे खेती की लागत कम होती है, उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है। उन्होंने किसानों से जैविक खाद के उपयोग को बढ़ाने और शासन की कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती, गो-आधारित कृषि पद्धति, जैविक खाद निर्माण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में किसान तथा जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री राकेश यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।