आर्थिक संबल से मजबूत हो रहे भूमिहीन परिवार

कवर्धा, 22 जून 2026/sns/- ग्रामीण परिवारों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का नया भरोसा बनकर उभरी दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना कबीरधाम जिले में हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिले में 20 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और उन्हें प्रतिवर्ष एकमुश्त 10 हजार रुपए की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो रही है। इसी योजना से लाभान्वित होकर ग्राम मझगांव निवासी भूमिहीन किसान श्री नरेश लहरे के परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
श्री नरेश लहरे भूमिहीन किसान हैं और परिवार की आजीविका के लिए राजमिस्त्री का कार्य भी करते हैं। सीमित आमदनी होने से परिवार की दैनिक जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों को संतुलित करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता था। ऐसे समय में शासन की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके लिए सहारा बनकर सामने आई। योजना के तहत पिछले दो वर्षों में श्री लहरे के बैंक खाते में सीधे 20 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने, घरेलू खर्चों में सहयोग तथा बच्चों की पढ़ाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया गया। इससे आर्थिक दबाव कम हुआ और परिवार को आगे बढ़ने का भरोसा मिला। श्री लहरे ने बताया कि योजना के माध्यम से समय पर मिली सहायता से उन्हें यह विश्वास मिला कि शासन जरूरत के समय उनके साथ खड़ा है।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को आर्थिक सहयोग देना है, जिनकी आय सीमित है और जिनका जीवन मुख्यतः मजदूरी एवं पारंपरिक कार्यों पर आधारित है। यह सहायता राशि परिवारों के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षा का आधार बन रही है। कबीरधाम जिले में योजना का लाभ मिलने के बाद कई परिवार अपनी आवश्यक जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत केवल भूमिहीन कृषि मजदूर ही नहीं, बल्कि पारंपरिक कारीगर, पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार तथा अनुसूचित क्षेत्रों के पारंपरिक सामाजिक दायित्व निभाने वाले पात्र वर्ग भी लाभान्वित हो रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक सार्थक पहल है।

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