वर्षाकालीन मौसमी बीमारियों से निपटने बस्तर संभाग में 180 कॉम्बेट दल गठित स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जगदलपुर, 24 जून 2026/sns/- वर्षाकाल में मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए बस्तर संभाग के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। जिला स्तर के साथ-साथ विकासखंड और सेक्टर स्तर पर विशेष कॉम्बेट दलों का गठन किया गया है, वहीं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक विकासखंड में अलग चिकित्सा सहायता टीम भी बनाई गई है।
संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. महेश सांडिया ने बताया कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में कुल 180 कॉम्बेट दल गठित किए गए हैं। वर्षा ऋतु के दौरान पहुंचविहीन क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास जीवन रक्षक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। इसके अलावा आश्रम एवं छात्रावासों में भी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं तथा अधीक्षकों को दवाइयों के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की मितानिनों की मुख्यमंत्री दवा पेटी में नियमित रूप से दवाइयों की रिफिलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण किया गया है। वहीं हाट-बाजारों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक विकासखंड में समस्याग्रस्त ग्रामों की पहचान कर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से पहुंचविहीन और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के गांवों एवं पारा-टोलों में स्वास्थ्य अमले को सतर्क रहने और समुदाय की सहभागिता के साथ मौसमी बीमारियों पर निगरानी रखने कहा गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि संभाग के अन्तर्गत 177 डायरिया प्राॅन एरिया, 538 संवेदनशील ग्राम, 810 पहुंचविहीन ग्राम तथा 638 संभावित बाढ़ ग्रस्त इलाकों का चिन्हाकंन किया गया है। साथ ही स्थानीय समुदाय की सहभागिता से हैण्डपम्प और पक्के कुंओं इत्यादि पेयजल स्त्रोतों की पहचान कर क्लोरीनेशन तथा ब्लिचिंग पाॅउडर के जरिए इन जल स्त्रोतों का शुद्धीकरण किया गया है।
संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. महेश सांडिया ने मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु शुद्ध पेयजल का उपयोग करने, गर्म एवं ताजा भोजन सेवन करने, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा गंदे पानी का जमाव नहीं होने देने की अपील ग्रामीणों और नागरिकों से की है। इसके साथ ही मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी के उपयोग करने और बुखार, उल्टी-दस्त जैसी समस्या होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर उपचार करवाने की सलाह दी गई है।