जिला चिकित्सालय सुकमा बना मातृ सुरक्षा का भरोसेमंद केंद्र
सुकमा, 24 जून 2026/sns/-जिला अस्पताल सुकमा में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (च्डैड।) के अंतर्गत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिल रही है। प्रत्येक माह की 09 एवं 24 तारीख को प्रसूति वार्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं की गहन जांच की जाती है। इस दौरान रक्तचाप, शुगर, हीमोग्लोबिन, सोनोग्राफी, पेट की जांच तथा एनीमिया सहित विभिन्न आवश्यक परीक्षण कर संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
इसी सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का सकारात्मक उदाहरण 04 अप्रैल 2026 को देखने को मिला, जब विकासखंड छिंदगढ़ के ग्राम कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने तत्परता और विशेषज्ञता का परिचय देते हुए सफल उपचार किया। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने के बावजूद उसे तत्काल रेफर करने के बजाय दो बार सीपीआर देकर जीवनरक्षक प्रयास किए गए तथा वेंटिलेटर पर रखकर निरंतर निगरानी में उपचार किया गया। स्त्रीरोग विशेषज्ञ जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की समन्वित कार्यप्रणाली का परिणाम है कि अप्रैल 2026 से अब तक 105 उच्च जोखिम वाली चिन्हित गर्भवती माताओं को विशेष निगरानी में रखकर उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जा रहा है। यह पहल न केवल मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है, बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रशासन के संकल्प को भी दर्शाती है। जिला अस्पताल सुकमा लगातार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर जनविश्वास को मजबूत कर रहा है।