बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने परखी जेल व्यवस्थाएं बंदियों से सीधे संवाद कर जाना हाल
मुंगेली, 24 जून 2026/sns/- जिला जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं विधिक सहायता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों की समस्याओं, सुविधाओं तथा न्यायिक सहायता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुंगेली की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी सहित अधिकारियों की टीम ने जिला जेल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल की विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की जानकारी लेने के साथ-साथ बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, भोजन कक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अभिरक्षाधीन बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता की भी समीक्षा की गई। बंदियों से यह जानकारी ली गई कि उन्हें अपने प्रकरणों की पैरवी के लिए आवश्यक कानूनी सहायता मिल रही है या नहीं। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के माध्यम से प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई।
अधिकारियों ने जेल लीगल एड क्लिनिक के कार्यों की समीक्षा करते हुए बंदियों को समय पर और प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की रक्षा, न्याय तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित करना तथा जेल में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाना रहा। निरीक्षण दल में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राकेश कुमार सोम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती जसविन्दर कौर अजमानी मलिक, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती कंचन लता आचला, थाना प्रभारी श्री कार्तिकेश्वर जांगड़े सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान जेल अधीक्षक सुश्री ममता पटेल एवं विधिक सहायता से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे।