देरी से मानसून और एल-नीनो की चुनौती कम अवधि की फसलें बनेंगी किसानों का सहारा
बीजापुर, 24 जून 2026/sns/- जिले में एल-नीनो के प्रभाव और कमजोर मानसून के कारण अब तक सामान्य से केवल 25 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में कृषि विभाग ने किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों को अपनाने तथा वैकल्पिक फसलों की खेती पर जोर दिया है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसान 90 से 130 दिनों में पकने वाली धान की किस्में जैसे एमटीयू-1010, आईआर-64, एमटीयू-1156, एमटीयू-1153 एवं विक्रम-टीसीआर का खुर्रा एवं सीधी बुवाई करें। सीधी बुवाई पद्धति से लगभग 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, खेती की लागत प्रति एकड़ करीब 5 हजार रुपये तक कम होती है और फसल 12 से 15 दिन पहले तैयार हो जाती है।
मरहान एवं टिकरा भूमि वाले किसान धान के स्थान पर कोदो, कुटकी, रागी, मूंग, उड़द, अरहर, मक्का तथा तिलहन फसलों की खेती कर सकते हैं। ऐसे किसानों को राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में मल्चिंग (पलवार) का उपयोग कर नमी संरक्षण, फसल विविधीकरण अपनाने तथा जोखिम कम करने की सलाह दी है। साथ ही एल-नीनो से संभावित नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। किसान बीमा के लिए नजदीकी लोक सेवा केंद्र, बैंक शाखा अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।