स्वास्थ्य टीम ने बाढ़ संभावित प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

मुंगेली, 07 जुलाई 2026/sns/- संभावित बाढ़ एवं वर्षाकालीन बीमारियों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ संभावित गांवों का व्यापक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की, वहीं विकासखंड पथरिया के निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित लाल एवं विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री निमिष मिश्रा ने पथरिया विकासखंड के बाढ़ संभावित ग्राम मदकू, धूमा, सावंतपुर, मोतीमपुर, चुनचुनिया एवं सल्फा का भ्रमण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा स्वच्छ पेयजल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता, जलजनित एवं संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। ग्राम सल्फा में मितानिन ललिता साहू से चर्चा कर मितानिन दवा पेटी का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता एवं प्राथमिक उपचार व्यवस्था की समीक्षा की गई। मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे गांवों में सतत निगरानी रखें तथा किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, आवश्यक दवाएं एवं अन्य स्वास्थ्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति का त्वरित सामना किया जा सके।

निजी अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण, मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साहा सहित अधिकारियों ने विकासखंड पथरिया के निजी अस्पतालों का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सवेरा अस्पताल, आकृति अस्पताल, सिद्धी विनायक अस्पताल एवं द लेप्रोसी मिशन अस्पताल चंदखुरी की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। अस्पतालों में साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के पालन की विस्तृत समीक्षा की गई। सिद्धी विनायक अस्पताल में वार्ड के बिस्तरों के बीच निर्धारित मानकों के अनुरूप दूरी नहीं मिलने पर अस्पताल प्रबंधन को तत्काल दो बेड कम कर आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अन्य अस्पतालों को भी स्वच्छता, मरीजों की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश प्रदान किए गए।

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