भूमिहीन मजदूर परिवार को मिला सम्मान और सुरक्षा का भरोसा

कवर्धा 31 जुलाई 2026/sns/- कवर्धा जिले के ग्राम चीमरा निवासी श्री घुरउ डहरिया वर्षों से मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्वयं की कृषि भूमि नहीं होने के कारण उनका परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत श्री घुरउ डहरिया को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। यह राशि उनके परिवार के लिए कठिन समय में एक मजबूत सहारा साबित हुई है। श्री घुरउ डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों को ही मिलता है। लेकिन इस योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह भ्रम दूर हो गया। अब उन्हें विश्वास है कि शासन समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की चिंता कर रहा है। वे कहते हैं कि हमारे पास अपनी जमीन नहीं है, इसलिए लगता था कि हमें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन हर साल मिलने वाली सहायता राशि से घर के जरूरी खर्च पूरे करने में काफी राहत मिलती है। इससे यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि सरकार हम जैसे भूमिहीन मजदूर परिवारों के साथ खड़ी है।
श्री घुरउ डहरिया योजना से प्राप्त राशि का उपयोग परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। इससे उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उनकी पत्नी श्रीमती शामबाई डहरिया को भी विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ हुई है। श्री घुरउ डहरिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूर परिवारों के सम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का आधार है।समाचार क्रमांक-985/निखलेश फोटो/09

कॉलेजों में गठित किये जायेंगे, इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब, युवाओं को मतदाता जागरूकता से जोड़ने पर रहेगा विशेष जोर

अगस्त माह में उच्च शिक्षण संस्थानों में होंगे मतदाता जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम

कवर्धा, 31 जुलाई 2026। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में गठित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित कर इसके माध्यम से अगस्त माह के दौरान व्यापक मतदाता जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान स्वीप कार्ययोजना के अंतर्गत संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ना है।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गोपाल वर्मा द्वारा सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थान में नियुक्त ईएलसी नोडल अधिकारी, कैम्पस एम्बैसडर एवं प्रोफेसर नोडल अधिकारी (स्वीप) की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। कार्यक्रम की तिथि एवं समय की जानकारी पूर्व में जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्यालय के अधिकारी भी कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।
कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों को ईसीआई नेट मोबाइल एप की उपयोगिता, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन, स्थानांतरण एवं विलोपन की ऑनलाइन प्रक्रिया, मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण एवं विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण, भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका, संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया तथा मतदाता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा निर्वाचन प्रक्रिया पर आधारित परिचर्चा, प्रश्नोत्तरी, मॉक पोल, निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य सहभागी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। नैतिक एवं सूचित मतदान को बढ़ावा देने, निर्वाचन संबंधी भ्रामक एवं फर्जी सूचनाओं की पहचान तथा उनके प्रति जागरूकता विकसित करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा। निबंध प्रतियोगिता के लिए ईसीआई नेट मोबाइल एप की उपयोगिता, भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका एवं जिम्मेदारियां तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित अन्य समसामयिक विषय निर्धारित किए गए हैं। वहीं, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य प्रतियोगिताएं भी निर्वाचन जागरूकता विषयों पर आयोजित की जाएंगी।

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