सरकारी अस्पताल में संसाधनों की कमी नहीं सेवा और संवेदन शीलता दिखे

बिलासपुर, 31 जुलाई 2026/sns/- कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले निरीक्षण में उन्होंने ओपीडी, विभिन्न वार्डों, डायलिसिस यूनिट, धनवंतरी मेडिकल स्टोर, नशा मुक्ति केंद्र, जिला पुनर्वास केंद्र, किचन तथा निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया। मरीजों से सीधे संवाद कर उपचार की जानकारी ली और चिकित्सकों को सेवा की गुणवत्ता एवं मानवीय व्यवहार को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सुबह लगभग सवा दस बजे तक तीन-चार चिकित्सक अनुपस्थित मिले। कलेक्टर ने तत्काल उनसे दूरभाष पर संपर्क कर अनुपस्थिति का कारण पूछा और भविष्य में समय पर उपस्थित रहने की कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। विभिन्न ओपीडी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपलब्ध संसाधनों के बावजूद अपेक्षाकृत कम मरीजों के जिला अस्पताल पहुंचने पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से नेत्र एवं दंत रोग विभाग में प्रतिदिन केवल 30 से 35 मरीज आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने दोनों विभागों को स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विशेष जांच शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
वार्ड निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भर्ती मरीजों से आत्मीयता से चर्चा की। आपातकालीन वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग महिला का हालचाल पूछते हुए उन्होंने कहा, ष्अम्मा, कैसे हो… सब ठीक हो जाएगा। कलेक्टर के आत्मीय व्यवहार से महिला भावुक हो गई और उसने अस्पताल में मिल रहे उपचार पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने चिकित्सकों से कहा कि निजी अस्पतालों की तुलना में जिला अस्पताल में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। आवश्यकता केवल इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मरीजों का विश्वास जीतने की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज संतुष्ट होकर अस्पताल से लौटे, यही सभी का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ पात्र मरीजों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिन मरीजों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके कार्ड खाद्य विभाग के समन्वय से तत्काल बनवाने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 30 मरीजों का उपचार आयुष्मान योजना के माध्यम से किया जा रहा है।अस्पताल में छोटे-मोटे मरम्मत एवं सुधार कार्यों में सीजीएमएससी स्तर पर हो रही देरी पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। धनवंतरी मेडिकल स्टोर के निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि यहां प्रतिदिन औसतन 25 हजार रुपये की दवाओं की बिक्री होती है। उन्होंने अटल आरोग्य लैब की जांच सुविधाओं का भी जायज़ा लिया।
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में संचालित नशा मुक्ति केंद्र एवं जिला पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यहां लगभग 400 लोगों को नियमित दवा एवं परामर्श दिया जा रहा है तथा करीब 150 लोग उपचार एवं परामर्श के माध्यम से नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं। उन्होंने अस्पताल के किचन का निरीक्षण कर 115 भर्ती मरीजों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ को प्रतिदिन भोजन का स्वाद लेकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निःशुल्क डायलिसिस यूनिट का भी अवलोकन किया, जहां प्रतिदिन लगभग 30 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने नेत्र विभाग के लिए निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा सिटी स्कैन कक्ष में सिम्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 500 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेते हैं तथा वर्तमान में 115 मरीज भर्ती हैं। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, कंसल्टेंट सुश्री शेफाली कुमावत सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे।

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