छत्तीसगढ़ में नकली पनीर पर शिकंजा
सुकमा, 03 अगस्त 2026/sns/- छत्तीसगढ़ में आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग द्वारा 31 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में एनालॉग (एनालाग) पनीर के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी ने बताया कि पिछले लंबे समय से राज्य के विभिन्न जिलों से एनालॉग पनीर की बिक्री और उपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में यह सामने आया कि कई स्थानों पर इसे असली पनीर के नाम पर बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
शिकायतों के आधार पर विभाग ने राज्यभर में व्यापक अभियान चलाते हुए कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की, संदिग्ध पनीर के नमूने लिए, अवैध रूप से संचालित प्लांटों को सील किया तथा हजारों किलो संदिग्ध पनीर को नष्ट किया। विभाग ने एनालॉग पनीर को नकली पनीर घोषित करते हुए स्पष्ट किया है कि अब इसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। जिला प्रशासन सुकमा ने व्यापारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।