जिले में पनीर एनालॉग एवं नकली दुग्ध उत्पादों के निर्माण
दुर्ग, 03 अगस्त 2026/sns/- सार्वजनिक स्वास्थ्य संरक्षण, उपभोक्ता हितों की रक्षा तथा खाद्य व्यापार में निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा राज्य में पनीर एनालॉग तथा गैर-दूध खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 18 एवं धारा 30 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। इसके अंतर्गत ऐसे किसी भी गैर-दूध उत्पाद जो असली पनीर, क्रीम, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पादों की नकल (इमिटेशन) करते हैं, उनके संपूर्ण चक्र पर रोक लगा दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, जिला दुर्ग के अभिहित अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं जैसे निर्माता फर्म, डेयरी फर्म, होटल, रेस्टोरेंट, थोक विक्रेता एवं फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे पनीर एनालॉग या नकली दुग्ध उत्पादों का निर्माण, भंडारण, परिवहन व विक्रय तुरंत बंद करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, निर्माता फर्में अपने लाइसेंस से एनालॉग उत्पादों को हटाने हेतु तत्काल आवश्यक सुधार करें। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था को प्रभावी बनाने एवं व्यवसायियों को जागरूक करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा शीघ्र ही होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों की एक विशेष बैठक आयोजित कर इस प्रतिबंधात्मक आदेश और खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही, जिले में सघन जांच अभियान भी संचालित किया जाएगा।