धान के बीज उत्पादन में किसानों को मिलेगा 3500 से 3700 रूपए प्रति क्विंटल तक उपार्जन मूल्य
राजनांदगांव, 03 अगस्त 2026/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के प्रक्रिया केन्द्र राजनांदगांव द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बीज उत्पादन से जोडऩे का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बीज उत्पादन कार्यक्रम से जुडऩे वाले किसानों को सामान्य उपज की तुलना में अधिक उपार्जन मूल्य एवं समय पर भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
राज्य मुख्यालय द्वारा प्रक्रिया केन्द्र राजनांदगांव को खरीफ 2026 के लिए कुल 705.16 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें धान 636.16 हेक्टेयर, अरहर 45 हेक्टेयर, उड़द 10 हेक्टेयर, मूंग 5 हेक्टेयर, सोयाबीन 2 हेक्टेयर तथा सन 7 हेक्टेयर शामिल हैं। वर्तमान तक 100 हेक्टेयर धान क्षेत्र का पंजीयन किया जा चुका है। प्रमाणीकरण संस्था, रायपुर द्वारा बीज उत्पादन पंजीयन की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक कृषक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीयन अवश्य कराएं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनाज वर्ग की फसलों पर 500 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त कृषक प्रोत्साहन राशि तथा दलहन एवं तिलहन वर्ग की फसलों पर 1000 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त कृषक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके अनुसार धान (मोटा) का उपार्जन मूल्य 3550 रूपए प्रति क्विंटल, धान (पतला) का 3711 रूपए प्रति क्विंटल, धान सुगंधित का 4721 रूपए प्रति क्विंटल, कोदो, रागी एवं कुटकी का 5761 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। वहीं सोयाबीन का 8033 रूपए प्रति क्विंटल, उड़द का 10050 से 11000 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग का 11018 रूपए से 12057 रूपए प्रति क्विंटल, तिल (सफेद) का 12471 रूपए प्रति क्विंटल, रामतिल का 11392 रूपए प्रति क्विंटल, कुल्थी का 6750 रूपए प्रति क्विंटल, मूंगफली का 10500 रूपए प्रति क्विंटल तथा सन का 6000 रूपए प्रति क्विंटल उपार्जन मूल्य निर्धारित किया गया है। निगम द्वारा पंजीकृत कृषकों को मानक अनुरूप स्वीकृत बीज के उपार्जन मूल्य का 80 प्रतिशत भुगतान तत्काल किया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त निगम द्वारा बीजों के संसाधन (प्रोसेसिंग) की पूरी प्रक्रिया संबंधित कृषकों की उपस्थिति में कराई जाएगी। किसानों को पूर्व सूचना देकर प्रक्रिया केन्द्र में आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे स्वयं अपने बीजों की संसाधन प्रक्रिया देख सकें। इस व्यवस्था से निगम की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहेगी तथा किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। प्रक्रिया केन्द्र राजनांदगांव ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे 15 अगस्त 2026 से पूर्व बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीयन कराकर अधिक उपार्जन मूल्य, अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि, समय पर भुगतान एवं पारदर्शी बीज उपार्जन व्यवस्था का लाभ उठाते हुए अपनी आय में वृद्धि करें।