आंगनबाड़ी दीदियों ने सरहद पर तैनात जवानों के लिए भेजे 2055 रक्षा सूत्र
सुकमा, 10 अगस्त 2026/sns/- रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुकमा जिले से देश की सरहद पर तैनात जवानों के लिए स्नेह, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संदेश भेजा गया। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित ‘रक्षा सूत्र’ अभियान के तहत जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपने हाथों से 2055 राखियां तैयार कीं। इन रक्षा सूत्रों के साथ जवानों के तिलक के लिए सुकमा की पवित्र माटी भी भेजी गई, ताकि सरहद पर देश की रक्षा कर रहे जवानों तक सुकमा की बहनों का अपनापन और आशीर्वाद पहुंच सके।
इस विशेष अभियान का शुभारंभ जिला कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर की उपस्थिति में हुआ। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा किए गए इस भावपूर्ण प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल नारी शक्ति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायी संगम है। गांव-गांव से तैयार हुआ प्रत्येक रक्षा सूत्र देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभा रहे जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।
जिले की आंगनबाड़ियों में रक्षा सूत्र तैयार करने को लेकर कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि “हमारे भाई देश की रक्षा के लिए सरहद पर तैनात हैं। हम उनके लिए अपने हाथों से रक्षा सूत्र बनाकर अपनी दुआएं और स्नेह भेज रही हैं।” रक्षा सूत्रों को विधिवत पैक कर जवानों तक भेजा गया। सुकमा की बहनों का यह स्नेह संदेश निश्चित रूप से सीमा पर तैनात जवानों के मनोबल को नई ऊर्जा देने वाला है।
सुकमा की बेटियों का प्यार अब सरहद तक पहुंचेगा। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल रक्षाबंधन को केवल पर्व तक सीमित न रखते हुए उसे राष्ट्र सेवा और जवानों के प्रति सम्मान की भावना से जोड़ने वाली मिसाल बनी है। सुकमा की आंगनबाड़ी दीदियों के हाथों से तैयार 2055 रक्षा सूत्र और पवित्र माटी देश की रक्षा में समर्पित जवानों तक पहुंचकर यह संदेश देगी कि सरहद पर खड़े हर जवान के साथ देश की बहनों की दुआएं और करोड़ों देशवासियों का स्नेह हमेशा खड़ा है।