शहादत को सलाम हर घर तिरंगे के नाम बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश
बीजापुर, 11 अगस्त 2026/sns/- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत बीजापुर जिले में व्यापक स्तर पर देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न ब्लॉक मुख्यालयों में तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रैली के दौरान “भारत माता की जय” और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा।
शहीदों के परिजनों के घर पहुंचकर किया नमन
बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद प्रभावित क्षेत्र रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के नक्सल मुक्त होने के बाद यह स्वतंत्रता दिवस जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। चार दशकों के माओवादी प्रभाव से मुक्त होने के बाद जिले में पहली बार आजादी का पर्व नए उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है।
जिले को माओवाद से मुक्त कराने के दौरान वीरगति प्राप्त जवानों के बलिदान को नमन करते हुए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम एवं अन्य अधिकारियों ने शहीद जवानों के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने शहीदों के परिजनों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भेंट किया और उनके अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस दौरान अधिकारियों ने परिजनों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि राष्ट्र की सेवा में जवानों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके साहस और समर्पण से आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती रहेगी।
तिरंगा रैली में उमड़ा देशभक्ति का उत्साह
जिला मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालयों में आयोजित तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर सहभागिता की। रैली के दौरान बच्चों एवं नागरिकों ने “भारत माता की जय” तथा देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिलेवासियों से हर घर तिरंगा फहराने का आह्वान करते हुए स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय गौरव, एकता और देशभक्ति की भावना के साथ मनाने के लिए प्रेरित किया। अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक घर तक तिरंगे के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुंचाना है।
बीजापुर में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस न केवल आजादी के उत्सव का पर्व है, बल्कि शांति की स्थापना और राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों के बलिदान को याद करने का भी अवसर है।