15 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों में होगा

मुंगेली, 11 अगस्त 2026/sns/- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वर्ष जिले में आजादी का पर्व साक्षरता उल्लास के साथ मनाया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री गोकुल राम रावटे के मार्गदर्शन में 15 अगस्त 2026 को जिले के सभी स्कूलों में ‘उल्लास महा-चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य साक्षरता को देशभक्ति से जोड़ते हुए जन-जन में शिक्षा, जागरूकता और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करना है। शासन ने वर्ष 2026-27 में प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में संचालित ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ का मूल मंत्र ‘जन-जन साक्षर और कर्तव्य बोध’ है। कार्यक्रम के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्कों को साक्षर बनाया जा रहा है, जो किसी कारणवश स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके।
15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात विद्यालयों में सामूहिक उल्लास शपथ, महा-चौपाल और ‘कहानियों का कारवां’ आयोजित किया जाएगा। नवसाक्षर अपने अनुभव साझा करते हुए बताएंगे कि पढ़ना-लिखना सीखने के बाद उनके जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव आया। इसके साथ ही दादी-नानी की कहानी प्रतियोगिता, मातृत्व साक्षरता तथा ‘महा संकल्प’ के माध्यम से बच्चे अपनी निरक्षर माताओं को साक्षर बनाने का संकल्प लेंगे। कार्यक्रम के वातावरण निर्माण के लिए मोबाइल टॉर्च रैली, मशाल रैली और प्रभात फेरी सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं ‘अंगूठा मुक्त पंचायत’, ‘अंगूठे से कलम तक’ सम्मान समारोह एवं प्रशस्ति पत्र वितरण, साक्षरता रंगोली, नुक्कड़ नाटक और उल्लास थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी.डाहिरे ने बताया कि जिले में वर्तमान में सभी ग्रामों एवं नगरीय निकायों के वार्डों में असाक्षरों के चिन्हांकन के लिए सर्वेक्षण जारी है। चिन्हांकन के बाद नवसाक्षरों को कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के माध्यम से 200 घंटे का अध्यापन कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें शिक्षार्थी आकलन परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। इस अभियान में विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए 10 असाक्षरों को साक्षर करने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड एवं स्थानीय परीक्षा में 10 बोनस अंक देने का प्रावधान किया गया है।
पिछले वर्ष जिले के 96 विद्यार्थियों को साक्षरता अभियान में योगदान के लिए बोनस अंक प्राप्त हुए थे। इसका एक प्रेरक परिणाम दशरंगपुर स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा की सफलता के रूप में सामने आया, जिसने बोनस अंकों के सहयोग से पूरे मुंगेली जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। अभियान के तहत ‘सुपर 30’ एवं ‘उल्लास ज्ञान रथ’ का संचालन भी किया जाएगा।

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