शासकीय मेडिकल कालेज में सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी से मिली मरीजों को नई जिंदगी

राजनांदगांव, 13 अगस्त 2026/sns/- शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के अस्थि रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के सफलतापूर्वक हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हे के जोड़ का प्रत्यारोपण) सर्जरी से मरीजों को नई जिंदगी मिली है। मरीज लंबे समय से कूल्हे के जोड़ में असहनीय दर्द एवं चलने फिरने में कठिनाई से पीडि़त थे। आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत मरीजों को हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी गई। निर्धारित समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के पश्चात सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष रावटे ने बताया कि अर्जुनी जिला बालोद निवासी 60 वर्षीय कृष्णा राम साहू पिछले एक वर्ष से बाएं कूल्हे में असहनीय दर्द एवं चलने में परेशानी से पीडि़त थे। जांच में एवैस्कुलर नैक्रोसिस पाया गया। बेलगांव जिला गोदिया (महाराष्ट्र) निवासी 25 वर्षीय चंद्र प्रकाश पिछले 1 वर्ष से दाएं कूल्हे में असहनीय दर्द तथा पैर छोटा बड़ा होने की शिकायत से परेशान थे। ग्राम हरदी जिला राजनांदगांव निवासी 35 वर्षीय सुमित कुमार यादव 7 वर्ष पूर्व लगी चोट के बाद से दाएं कूल्हे में दर्द एवं चलने में कठिनाई से जूझ रहे थे। जांच में सेकेंडरी ओस्टियोआर्थराइटिस की पुष्टि हुई। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की उपलब्ध आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा गंभीर कुल्हा रोग से पीडि़त मरीजों को बेहतर उपचार से मिलने से सामान्य जीवन की नई उम्मीद मिली है। कूल्हे के जोड़ के क्षतिग्रस्त होने के सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरीमुख कारणों में सिकल सेल रोग, ओस्टियोआर्थराइटिस तथा लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं अथवा स्टेरॉयड के सेवन जैसी स्थितियां शामिल है। उन्होंने बताया कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों एवं अनुभवी विशेषज्ञों के प्रयासों से हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी अब पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी हो गई है। सर्जरी के पश्चात फिजियोथैरेपी की सहायता से मरीज शीघ्र ही सामान्य रूप से चलने में सक्षम हो सकते हैं।
विभागाध्यक्ष एवं सह प्राध्यापक डॉ. सुभाष रावटे के मार्गदर्शन में सहायक प्राध्यापक डॉ. दिवाकर भुआर्य, सहायक प्राध्यापक डॉ. मानस श्रीवास्तव, सीनियर रेजिडेंट डॉ. अनुराग शर्मा एवं डॉ. शुभम रोहिल्ला की टीम ने सफल शल्य चिकित्सा संपन्न की। ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ. दुर्गा कोसम एवं सह प्राध्यापक डॉ. स्मृति बंधु का विशेष सहयोग रहा।

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