जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ करें पूर्ण: कलेक्टर
मुंगेली, 18 अगस्त 2026/sns/- कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदारों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने तथा मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पानी की समस्या वाले गांवों का चिन्हांकन कर बोर रिचार्ज का कार्य कराने निर्देशित किया। उन्होंने पंप चोरी की घटनाओं के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने तथा सोलर पंपों को चालू कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके।
बैठक में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रगतिरत एकल ग्राम एवं सोलर आधारित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता या संतोषजनक प्रगति नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने ठेकेदारों के लंबित भुगतान की स्थिति की जानकारी ली और निर्देशित किया कि भुगतान से पहले संबंधित गांवों में जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। कार्य की गुणवत्ता एवं पूर्णता की पुष्टि के बाद ही भुगतान की कार्यवाही की जाए।
कलेक्टर ने पाइपलाइन लीकेज की समस्या का ब्लॉकवार चिन्हांकन कर त्वरित सुधार, पंप ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण तथा जल प्रदाय योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने एकल ग्राम एवं सोलर आधारित योजनाओं में स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने जलस्तर से प्रभावित एवं स्रोत समस्या वाले गांवों में डीएमएफ मद से भू जल रिचार्ज निर्माण सहित आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबे समय से बंद अनुबंधों एवं अपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल पहुंचाना है। इसलिए योजनाओं का संचालन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मैदानी स्तर पर ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।