महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि से चंचल दास के परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां हुईं दोगुनी

अम्बिकापुर, 26 अगस्त 2026/sns/- महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक खुशियों में भी सहारा बन रही है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरोली निवासी श्रीमती चंचल दास बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले वह घरेलू महिला थीं और परिवार की आजीविका उनके पति की कमाई पर निर्भर थी। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से अब उन्हें अपनी आवश्यकताओं और छोटे-छोटे त्योहारों की तैयारियों के लिए आर्थिक संबल मिल रहा है।/-

श्रीमती चंचल दास ने बताया कि पहले परिवार की जरूरतें पति की आय से पूरी हो जाती थीं, लेकिन महतारी वंदन योजना शुरू होने के बाद महिलाओं के हाथ में भी नियमित रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध होने लगी है। इससे उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भरता का अनुभव हो रहा है। वे कहती हैं कि अब छोटे-छोटे त्योहार भी पहले की तुलना में अधिक खुशी और उत्साह के साथ मना पाती हैं।

रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि मिलने से चंचल दास के परिवार में विशेष खुशी है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन 19 तारीख को है और उससे पहले महतारी वंदन योजना की ₹1,000 की राशि मिलने से उन्हें त्योहार की तैयारियां करने में सुविधा हुई। इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद पा रही हैं। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया  के लिए भी अपनी ओर से राखी भेजने की भावना व्यक्त की।

श्रीमती चंचल दास ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। त्योहारों के समय इस सहायता का महत्व और अधिक महसूस होता है, क्योंकि महिलाएं अपनी पसंद से परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने के साथ त्योहार की खुशियों में भी योगदान दे पाती हैं।

उन्होंने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना राशि मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली आर्थिक सहायता से इस बार रक्षाबंधन की तैयारियां उत्साह के साथ कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने से परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भी उनका आर्थिक योगदान बढ़ रहा है। चंचल दास की कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजना की राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनने के साथ उनके आत्मविश्वास और खुशियों को भी बढ़ाने में सहायक हो रही है।

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