जिले के 17 नवीन सहकारी समितियों के लिए भूमि आबंटित
दुर्ग, 27 अगस्त 2026/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा जारी अधिसूचना के तहत छत्तीसगढ़ सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 9 (1) के अंतर्गत जिला दुर्ग की प्राथमिकता कृषि साख सहकारी सोसायटी की पुनर्गठन योजना 2025 अनुसूची-02 में अंकित 31 नवीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का पुनर्गठन किया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा 17 प्राथमिक कृषि साख समितियों के लिए भूमि आबंटन की स्वीकृति दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धमधा विकासखंड अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मार्या पथरिया पंजीयन क्रमांक 3421 के लिए 1.00 हेक्टेयर भूमि, सेवा सहकारी समिति मर्यादित पुरदा पंजीयन क्रमांक 3422 के लिए 1.20 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित अरसी पंजीयन क्रमांक 3423 के लिए 1.34 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित दारगांव पंजीयन क्रमांक 3426 के लिए 1.00 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित हिरेतरा पंजीयन क्रमांक 3434 के लिए 1.25 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित भांठाकोकड़ी पंजीयन क्रमांक 3435 के लिए 0.69 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित नंदवाय पंजीयन क्रमांक 3427 के लिए 1.20 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित मलपुरीकला पंजीयन क्रमांक 3433 के लिए 2.50 हेक्टेयर एवं सेवा सहकारी समिति मर्यादित सेमरिया पंजीयन क्रमांक 3429 के लिए 1.20 हेक्टेयर शासकीय भूमि आबंटित की गई है। इसी कड़ी में पाटन विकासखंड अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित अरसनारा पंजीयन क्रमांक 3445 के लिए 1.20 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित अरमरी खुर्द पंजीयन क्रमांक 3443 के लिए 1.00 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित ढौर पंजीयन क्रमांक 3444 के लिए 2.00 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बोरवाय पंजीयन क्रमांक 3442 के लिए 2.00 हेक्टेयर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित महकाखुर्द पंजीयन क्रमांक 3440 के लिए 0.594 हेक्टेयर एवं सेवा सहकारी समिति मर्यादित अशोगा पंजीयन क्रमांक 3441 के लिए 1.20 हेक्टेयर शासकीय भूमि आबंटित की गई है। इसी प्रकार दुर्ग विकासखंड अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित कातरो पंजीयन क्रमांक 3419 के लिए 1.03 हेक्टेयर एवं सेवा सहकारी समिति मर्यादित दमोदा पंजीयन क्रमांक 3417 के लिए 0.9000 हेक्टेयर शासकीय भूमि आबंटित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत सेवा सहकारी सोसायटी के कृषक सदस्यों को खाद, बीज, कृषि आदान प्राप्ति एवं समर्थन मूल्य में धान बिक्री करने हेतु सुविधा प्राप्त होगी।