जिला पंचायत में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक

सुकमा, 07 सितम्बर 2026/sns/-ग्रामीण विकास को गति देने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में जिला पंचायत में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित विभिन्न पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोयम मंगम्मा ने की। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री महेश कुंजाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकुंद ठाकुर सहित जिला पंचायत सदस्य एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों की प्रगति प्रशासन की प्राथमिकताओं में प्रमुख रही। पात्र परिवारों को समयबद्ध तरीके से आवास का लाभ दिलाने, निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने और स्वीकृत आवासों को निर्धारित समय में पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन की सतत निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को आवास जैसी मूलभूत सुविधा के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े और शासन की योजना का वास्तविक लाभ सीधे हितग्राही तक पहुंचे।
इसी तरह  VB-GRAM-G योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं 15वें वित्त आयोग सहित अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, आजीविका, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय अधोसंरचना को मजबूत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति बनाए रखने के साथ कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि विकास कार्यों का सीधा और स्थायी लाभ ग्रामीण समुदाय को मिल सके।
जिला प्रशासन और जिला पंचायत की सक्रिय निगरानी से योजनाओं को धरातल पर प्रभावी परिणाम देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समिति ने स्पष्ट रूप से समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का फोकस केवल योजनाओं की स्वीकृति तक सीमित न रहकर उनके वास्तविक लाभ को गांवों और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर है। इन प्रयासों से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।

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