स्मार्ट मीटर की सटीकता पर मुहर 4,800 से अधिक चेक मीटर परीक्षणों में रीडिंग सही

राजनांदगांव, 08 सितंबर 2026/sns/- स्मार्ट मीटरों की रीडिंग की सटीकता को लेकर उपभोक्ताओं की शंकाओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा किए गए तकनीकी परीक्षणों में स्मार्ट मीटरों की रीडिंग पूरी तरह सही पाई गई है। प्रदेशभर में अब तक 4,800 से अधिक परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ समानांतर चेक मीटर लगाकर रीडिंग का मिलान किया गया। इन परीक्षणों में दोनों मीटरों द्वारा दर्ज विद्युत खपत में समानता पाई गई। किसी भी स्मार्ट मीटर में तकनीकी त्रुटि अथवा बिना विद्युत उपयोग के रीडिंग बढ़ने का प्रमाण नहीं मिला।
BIS और CEA मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर
भारत सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत प्रदेश में स्थापित किए जा रहे स्मार्ट मीटर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप प्रमाणित हैं। स्मार्ट मीटर में ऊर्जा खपत की गणना निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार होती है। मीटर की कार्यप्रणाली ऐसी है कि रीडिंग में मनमाना परिवर्तन अथवा सॉफ्टवेयर के माध्यम से छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहती।
उपभोक्ता के अनुरोध पर चेक मीटर से जांच, कोई शुल्क नहीं
यदि किसी उपभोक्ता को अपने बिजली बिल अथवा स्मार्ट मीटर की रीडिंग में विसंगति का संदेह हो तो वितरण कंपनी की तकनीकी टीम द्वारा परिसर में जाकर मीटर की जांच की जाती है। उपभोक्ता के अनुरोध पर स्मार्ट मीटर की सीरीज में पूर्व में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक मीटर अथवा चेक मीटर लगाकर दोनों मीटरों से दर्ज विद्युत खपत का तुलनात्मक परीक्षण भी किया जाता है। इस प्रकार की जांच के लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
एन.ए.बी.एल. लैब में उपभोक्ताओं के समक्ष 74 मीटरों की जांच
स्मार्ट मीटर की तकनीकी सटीकता को लेकर उपभोक्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए भिलाई स्थित एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब में उपभोक्ता के समक्ष स्मार्ट मीटर की जांच कराने का भी प्रावधान है। अब तक लगभग 74 स्मार्ट मीटरों का उपभोक्ताओं की उपस्थिति में लैब में परीक्षण किया जा चुका है और सभी मीटरों में विद्युत खपत की रीडिंग सही पाई गई।
प्रदेश में उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर फरवरी 2024 से स्थापित किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 और 2025 की तरह वर्ष 2026 में भी इन मीटरों द्वारा उपभोक्ताओं की वास्तविक विद्युत खपत के अनुरूप यूनिट दर्ज की जा रही है।
बढ़ा हुआ बिल हमेशा मीटर की त्रुटि का संकेत नहीं
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल अथवा खपत में वृद्धि होने का अर्थ यह नहीं है कि मीटर गलत रीडिंग दर्ज कर रहा है। विद्युत खपत पर मौसम, तापमान, घरेलू उपकरणों के उपयोग, एयर कंडीशनर, कूलर, वाटर पंप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सहित कई परिस्थितियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए बिजली बिल का आकलन केवल मीटर बदलने से पहले और बाद की राशि की तुलना से नहीं, बल्कि वास्तविक यूनिट खपत के आधार पर किया जाना चाहिए।
राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार जिलों के 02 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के विद्युत खपत डेटा के विश्लेषण से भी यह स्पष्ट हुआ है कि गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने का प्रमुख कारण एयर कंडीशनर एवं अन्य भारी विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग रहा। मौसम में बदलाव के साथ विद्युत खपत में स्वाभाविक कमी दर्ज हुई। अगस्त 2026 में इन्हीं उपभोक्ताओं की विद्युत खपत में मई 2026 की तुलना में 32 से 57 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
स्मार्ट मीटर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीटर से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण में मार्च, अप्रैल, मई एवं जून 2026 के दौरान विद्युत खपत बढ़ने के प्रमुख कारणों में एयर कंडीशनर, कूलर, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और वाटर पंप का अधिक उपयोग सामने आया।
रियल-टाइम खपत की निगरानी से उपभोक्ता होंगे अधिक जागरूक
स्मार्ट मीटर के माध्यम से मानवीय भूल और मीटर रीडर पर निर्भरता कम हो रही है। उपभोक्ता अब अपनी बिजली खपत की निगरानी स्वयं कर सकते हैं। ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप एवं स्मार्ट मीटर वेब पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन की खपत के साथ-साथ प्रत्येक 30 मिनट की विद्युत खपत भी देख सकते हैं। इससे अनावश्यक अथवा असामान्य विद्युत उपयोग की पहचान तत्काल की जा सकती है और उपभोक्ता अपनी खपत को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।
शंका होने पर 1912 पर करें संपर्क
मीटर की रीडिंग अथवा बिजली बिल को लेकर किसी भी प्रकार की शंका होने पर उपभोक्ता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा अपने नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वितरण कंपनी द्वारा ऐसी शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी जांच एवं आवश्यक समाधान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
स्मार्ट मीटर का उद्देश्य न केवल विद्युत खपत की सटीक रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करना है, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की पारदर्शी, नियमित और रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें अधिक जागरूक एवं सक्षम बनाना भी है।

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