तरेगांव जंगल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 2.50 करोड़ से बनेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
कवर्धा, 14 सितंबर 2026/sns/- बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल में अब स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती मिलने जा रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज 2 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण पूर्ण होने से तरेगांव जंगल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि इसका लाभ लंबे समय तक क्षेत्र के लोगों को मिल सके। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पहले क्षेत्र के लोगों को सोनोग्राफी करवाने के लिए कवर्धा जाना पड़ता था। अब तरेगांव-रेंगाखार क्षेत्र में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। बैगा बस्तियों तक सड़क सुविधा पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अब तक 35 सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। सड़क निर्माण से वनांचल के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच और बेहतर होगी। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर सहित मिलेंगी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं
नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा कैजुअल्टी एवं ओपीडी रूम भी बनाए जाएंगे। पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड की सुविधा रहेगी। इन व्यवस्थाओं से प्रसूति, सर्जरी, जांच एवं भर्ती से जुड़ी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध हो सकेंगी।
गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
तरेगांव जंगल सहित आसपास के गांवों के मरीजों को वर्तमान में गंभीर या विशेष उपचार की आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल कवर्धा जाना पड़ता है। नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति, ऑपरेशन, जांच, ओपीडी और भर्ती जैसी सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर इलाज का दायरा बढ़ेगा। खासकर गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल मरीजों और जांच के लिए आने वाले ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। अस्पताल शुरू होने के बाद स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए कवर्धा जाने की आवश्यकता कम होगी।
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम हैदृ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री ने भोरमदेव शक्कर कारखाना में 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण का किया शुभारंभ
शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन, नई दिल्ली द्वारा सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए राष्ट्रीय स्तर का मिला एफिशिएंसी अवार्ड
उप मुख्यमंत्री ने किसानों की सुविधा के लिए शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की
कवर्धा, 14 सितंबर 2026। देश में लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक रिकवरी का गौरव हासिल करने वाले भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन,नई दिल्ली के द्वारा सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में एफिशिएंसी अवार्ड प्राप्त होने पर क्षेत्र वासियों, शेयर धारक किसानों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किसानों की सुविधा के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में लगातार तीसरे वर्ष किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण की शुरुआत की गई है। इस वर्ष 4 हजार 686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। इस प्रकार अब लगभग 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह लाभ सहकारिता की भावना और कारखाने से उनके जुड़ाव का महत्वपूर्ण परिणाम है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कारखाने में 2 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कारखाने से अनुबंध करें और गन्ना उपलब्ध कराएं, ताकि कारखाना निरंतर सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से ही कारखाना आगे बढ़ेगा और इसका लाभ भी किसानों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।
देश में सर्वाधिक रिकवरी का लगातार दो वर्षों का गौरव
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने वर्ष 2024दृ25 और 2025दृ26 में पूरे देश में सर्वाधिक रिकवरी प्राप्त करने वाले कारखाने के रूप में गौरव हासिल किया है। इसके लिए कारखाने को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर रिकवरी केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का परिणाम है। किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ने और उनके परिश्रम से ही कारखाना उच्च स्तर पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, कारखाना प्रबंधन की कार्यक्षमता और सहकारिता की भावना मिलकर भोरमदेव शक्कर कारखाना को नई पहचान दे रही है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें होने वाला लाभ सभी सदस्यों के बीच साझा होता है। यही कारण है कि सहकारिता किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी व्यवस्था है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कारखाने से जुड़कर शेयरधारी बनें और गन्ना अनुबंध के माध्यम से इसकी गतिविधियों को और मजबूत करें। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।
कवर्धा के किसानों की मेहनत ने प्रदेश को दिलाई नई पहचान दृमंत्री श्री रामविचार नेताम
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। तीजा पर्व और गणेश चतुर्थी की तैयारियों के बीच किसानों को शक्कर का वितरण किया जाना खुशी की बात है। त्योहारों में प्रसाद और पकवानों के लिए मिठास की आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों को रियायती दर पर शक्कर मिलने से त्योहार की खुशियों में और मिठास बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से किसानों के हित में शक्कर वितरण की व्यवस्था फिर शुरू हुई है। कवर्धा के किसानों की मेहनत और परिश्रम ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर की अच्छी रिकवरी किसानों की मेहनत का परिणाम है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गन्ने का उत्पादन और बढ़े। किसानों के हित में बोनस बढ़ाने के लिए भी सरकार आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार शक्कर आज त्योहार के अवसर पर उनके घरों तक पहुंच रही है और इससे खुशियों में मिठास बढ़ेगी।
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा
एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण सम्बंधित राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा हुए शामिल
प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशील बनाने कवर्धा में कार्यशाला का हुआ आयोजन
उप मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित
कवर्धा, 14 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, रानी दुर्गावती चैक कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री तथा कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय यादव, पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।
कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं तकनीकी संकलन तथा आरोपियों को दोषसिद्ध कराने के लिए कार्यशाला में मिली जानकारी अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार एवं श्री अमित पटेल सहित राजनांदगांव रेंज के विभिन्न जिलों से आए पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।
एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचे पुलिस, अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई सुनिश्चित करें
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित
कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।