सौर सिंचाई पंप ने खोली खेती की नई राह अब दो एकड़ खेत में सालभर फसल से बढ़ रही

कोरबा, 20 सितम्बर 2026/sns/- सिंचाई के भरोसेमंद साधन की उपलब्धता खेती को नई दिशा देती है। कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम बोतली निवासी श्री अब्राहम कुजूर के परिवार को क्रेडा विभाग द्वारा उनके पिता श्री फिलमोन कुजूर के नाम से 3 एचपी का सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराया गया। दो एकड़ कृषि भूमि वाले कुजूर परिवार के लिए यह सुविधा खेती को मौसम की अनिश्चितता से आगे बढ़ाकर वर्षभर कृषि गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बनी है।
श्री अब्राहम कुजूर बताते हैं कि पहले खेत पूरी तरह बारिश पर निर्भर था। सिंचाई के लिए कोई दूसरा साधन उपलब्ध नहीं था और बिजली की समस्या के कारण भी खेत तक पानी पहुंचाना आसान नहीं था। बारिश के समय पर्याप्त पानी मिल जाने पर खेती हो जाती थी, गर्मी के मौसम में खेत का उपयोग सीमित रह जाता था। इससे खेती से मिलने वाली आय भी एक ही मौसम तक सिमटी रहती थी।

सोलर सिंचाई पंप लगने के बाद खेत में पानी की सुविधा उपलब्ध हुई और फसल लेने की संभावनाएं बढ़ीं। अब बारिश के मौसम में धान के साथ उड़द, मूंग, तिवरा और मक्का जैसी फसलें लेते हैं। गर्मी के दिनों में खेत में मूंगफली और अलग-अलग प्रकार की सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। फसलों में विविधता आने से खेत का बेहतर उपयोग हो रहा है और कृषि से होने वाली आमदनी में भी वृद्धि हो रही है।
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री अब्राहम कुजूर कहते हैं, “पहले खेती के लिए बारिश का इंतजार करना पड़ता था। सिंचाई की कोई सुविधा नहीं थी, इसलिए गर्मी में खेती करना मुश्किल था। अब सोलर पंप से खेत में जरूरत के अनुसार पानी मिल जाता है। बारिश में धान, उड़द, मूंग, तिवरा और मक्का लेते हैं, गर्मी में मूंगफली और सब्जियां उगाते हैं। दो फसल लेने से खेत से आमदनी बढ़ रही है और खेती को आगे बढ़ाने का हौसला मिला है।”
वे बताते हैं कि सौर ऊर्जा से संचालित पंप ने बिजली की अनियमितता से जुड़ी चिंता भी कम की है। धूप के समय सौर ऊर्जा का उपयोग कर सिंचाई की जा रही है, जिससे खेत के लिए पानी की व्यवस्था अधिक सुविधाजनक हुई है। अब मौसम के अनुसार फसल का चयन करने और गर्मी के मौसम में भी उत्पादन जारी रखने का अवसर मिल रहा है।

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