राबो जलाशय में मछली पालन से गंगामाई आदिवासी मछुआरों को मिला रोजगार का सहारा

रायगढ़, 21 सितम्बर 2026/sns/- ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहे बदलावों की तस्वीर सामने आ रही है। घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम छर्राटांगर की गंगामाई आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित ने सामूहिक प्रयास और मछली पालन के माध्यम से अपने सदस्यों के लिए रोजगार और आय का मजबूत जरिया तैयार किया है। समिति से 113 सदस्य जुड़े हैं और सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं।
ग्राम पंचायत छर्राटांगर में स्थित राबो सिंचाई जलाशय, जिसका औसत जलक्षेत्र 367 हेक्टेयर है, समिति ने 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर मछली पालन का कार्य शुरू किया। मत्स्य पालन विभाग के मार्गदर्शन में समिति के सदस्यों को मछली पालन का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन की गतिविधियों को आगे बढ़ाया।

4 लाख मछली बीज का संचयन, 110 क्विंटल उत्पादन
समिति द्वारा वर्ष 2024-25 में जलाशय में लगभग 4 लाख नग मछली बीज फिंगरलिंग का संचयन किया गया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में समिति को करीब 110 क्विंटल मछली का उत्पादन प्राप्त हुआ। मछलियों के विक्रय से समिति को 15.40 लाख रुपये की आय हुई, जिसमें से 11.30 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ। इस आय ने समिति के सदस्यों के लिए आर्थिक मजबूती का रास्ता खोला। समिति द्वारा सदस्यों को 10 हजार रुपये प्रति सदस्य लाभांश वितरित किया गया। इससे सदस्यों को मछली पालन के माध्यम से सीधे आर्थिक लाभ मिला और सामूहिक रूप से किए गए प्रयासों का प्रतिफल उनके परिवारों तक पहुंचा।

प्रशिक्षण के साथ मिला जाल और आईसबॉक्स का सहयोग
मछली पालन को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत मत्स्याखेट के लिए पर्याप्त जाल तथा मछली के सुरक्षित विक्रय के लिए आईसबॉक्स भी उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता से समिति के सदस्यों को मछली पालन के कार्य में सुविधा मिली और उनकी गतिविधियां अधिक व्यवस्थित हुईं। समिति के अध्यक्ष श्री फागुराम राठिया ने बताया कि सामूहिक प्रयास, विभागीय मार्गदर्शन और उपलब्ध कराए गए संसाधनों से समिति के सदस्यों को मछली पालन से अच्छी आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

About The Author