अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण में सहायक ग्रेड-03 सीमा कुशवाहा निलंबित

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अम्बिकापुर, 21 सितम्बर 2026/sns/- जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रकरण में प्राप्त शिकायत एवं प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली की सहायक ग्रेड-03 सीमा कुशवाहा को निलंबित किया गया है।

प्रकरण के संबंध में विकासखंड मैनपाट से प्राप्त शिकायत तथा कार्यालयीन आदेश के आधार पर जांच समिति गठित की गई थी। जांच समिति द्वारा सीमा कुशवाहा की नियुक्ति संबंधी मूल अभिलेख, आवेदन, शपथ पत्र, पारिवारिक विवरण एवं संबंधित सेवा अभिलेखों का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के पश्चात  सीमा कुशवाहा को दिनांक 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई थी। जांच में उनके भाई राकेश कुशवाहा के वर्ष 2013 से तथा पति सुदामा कुशवाहा बक वर्ष 2010 से शासकीय सेवा में कार्यरत होने सम्बन्धी अभिलेख पाए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, नियुक्ति के समय 05 मई 2017 को प्रस्तुत शपथ पत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय अर्ध शासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी, जबकि उपलब्ध अभिलेखों में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा संबंधी स्थिति का उल्लेख पाया गया। उक्त तथ्य अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता के परीक्षण से सीधे संबंधित होने के कारण गंभीर प्रकृति का है। सीमा कुशवाहा का यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच प्रतिवेदन से उत्पन्न प्रथमदृष्टया गंभीर आरोपों को दृष्टिगत रखते हुए तथा निष्पक्ष एवं स्वतंत्र विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं प्रशासनिक हित में।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सीमा कुशवाहा  को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। निलंबन अवधि में सीमा कुशवाहा का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर निर्धारित किया जाता है। वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी। निलंबन अवधि में उन्हें मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। सीमा कुशवाहा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के अंतर्गत नियमित विभागीय जांच संस्थित की जाएगी। पृथक से आरोप-पत्र जारी किया जाएगा तथा उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूर्ण अवसर प्रदान किया जाएगा।

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