न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती देने सुकमा में पहल

सुकमा, 22 सितम्बर 2026/sns/- मृत्यु-पूर्व कथन लेखबद्ध करने की प्रक्रिया में एकरूपता, पारदर्शिता और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सुकमा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्यशाला में माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा प्रकरण  CRA No. 2320/2023, “Ramesh Chakradhari Vs. State of Chhattisgarh”में 26 नवंबर 2025 को पारित आदेश तथा मृत्यु-पूर्व कथन लेखबद्ध किए जाने संबंधी ैव्च् के प्रभावी क्रियान्वयन पर अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रभु नारायण सिंह ने अधिकारियों को मृत्युकालिक कथन से जुड़े कानूनी प्रावधानों, निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निष्पक्ष एवं विधिसम्मत तरीके से कथन लेखबद्ध करने तथा प्रत्येक स्तर पर संबंधित अधिकारी की भूमिका स्पष्ट रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनोज तिर्की एवं अपर कलेक्टर श्री प्रताप विजय खेस की उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला में न्यायालयीन निर्देशों के पालन, SOPके अनुपालन तथा प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में चिकित्सा विभाग के चिकित्सा अधिकारी, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), तहसीलदार एवं थाना प्रभारी शामिल हुए। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य मृत्यु-पूर्व कथन की प्रक्रिया में स्पष्टता और एकरूपता लाने के साथ उसकी विधिक उपयोगिता को बनाए रखना रहा। इस पहल से राजस्व, पुलिस और चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए संवेदनशील प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया के प्रभावी एवं व्यवस्थित पालन को और मजबूत करने पर बल दिया गया।

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