सूरज की किरणों से रोशन हो रहे घर, घट रहा बिजली बिल और बढ़ रही आत्मनिर्भरता
कोरबा, 22 सितम्बर 2026/sns/- सूर्य की रोशनी अब कोरबा के अनेक परिवारों के लिए केवल प्राकृतिक उजाले का स्रोत नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक बचत और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर परिवार अपनी बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा कर रहे हैं। केंद्र सरकार की सब्सिडी और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से योजना को अपनाने की प्रक्रिया परिवारों के लिए अधिक सहज हुई है। इससे बिजली खर्च में राहत के साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
कोरबा में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेकर परिवार सौर ऊर्जा के माध्यम से बचत और आत्मनिर्भरता की नई राह अपना रहे हैं।” पोड़ीबहार निवासी श्रीमती मोनिका एक्का ने सितंबर 2025 में अपने घर पर सोलर संयंत्र स्थापित कराया। सौर ऊर्जा का लाभ मिलने और बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी का अनुभव होने के बाद उन्होंने अपनी सौर क्षमता का विस्तार करते हुए कुल 3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर पैनल लगवाए। केंद्र एवं राज्य सरकार से मिली सब्सिडी ने उनके लिए सौर संयंत्र स्थापित करना आसान बनाया। अब उनका परिवार बिजली की बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इसी क्षेत्र के निवासी श्री सुरेश सिंह ने पहले 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया। इससे मिले सकारात्मक परिणामों के बाद उन्होंने एक और 3 किलोवाट का संयंत्र लगवाया और वर्तमान में उनके घर की कुल सौर क्षमता 6 किलोवाट है। श्री सिंह के अनुसार सौर संयंत्र लगने के बाद बिजली बिल में बड़ी कमी आई और पिछले छह महीनों से बिल माइनस यानी क्रेडिट में आ रहा है। अतिरिक्त उत्पादित बिजली का लाभ मिलने से उनके परिवार की बचत में भी वृद्धि हुई है।
डीडीएम रोड निवासी श्री आयुष अग्रवाल के संयुक्त परिवार में बिजली की खपत सामान्य दिनों में करीब 700 यूनिट और गर्मियों में 1200 से 1300 यूनिट तक पहुंच जाती थी। परिवार ने योजना के तहत 10 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कराया। सब्सिडी तथा जिला प्रशासन और ऊर्जा विभाग से मिले मार्गदर्शन से संयंत्र लगाने की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद बिजली बिल लगभग शून्य के करीब पहुंच गया और परिवार को हर महीने होने वाले बड़े बिजली खर्च से आर्थिक राहत मिली। सौर ऊर्जा के उपयोग से परिवार पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी निभा रहा है।
कोरबा विकासखंड के ग्राम बेलाकछार निवासी सेवानिवृत्त प्रधानपाठक डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा ने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया। लगभग 1.90 लाख रुपये की लागत वाले संयंत्र के लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल करीब 5 से 6 हजार रुपये आता था। सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली बिल लगभग शून्य हो गया और घर के पंखे, बल्ब, टीवी, एसी सहित घरेलू उपकरणों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग होने लगा। अपने घर में बिजली का उत्पादन कर पाने को वे आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं।
सर्वमंगला निवासी श्री कृष्ण कुमार यादव ने भी 3 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित कराया। उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी से उनके परिवार के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हुआ। श्री यादव के अनुसार सोलर प्लांट शुरू होने के बाद बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और परिवार अपनी जरूरत की बिजली का उपयोग सौर ऊर्जा से कर रहा है। उनके लिए यह पहल घरेलू बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता का अवसर भी बनी है।
इन परिवारों के अनुभव बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना घर की छत को ऊर्जा उत्पादन के केंद्र में बदलने का अवसर प्रदान कर रही है। रूफटॉप सोलर के माध्यम से परिवार अपनी बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा स्वयं पूरा कर सकते हैं तथा आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पादन होने पर उसे ग्रिड में भेजने की व्यवस्था का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे घरेलू बिजली खर्च कम करने, स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक बदलाव को गति मिल रही है।
कोरबा जिले में इन लाभार्थियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में अन्य हितग्राही भी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ रहे हैं। योजना की जानकारी गांवों और शहरों तक पहुंचने के साथ लोगों में अपने घर की छत पर सौर संयंत्र स्थापित करने के प्रति रुचि बढ़ रही है। अनेक परिवार इसे दीर्घकालिक बचत, स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अवसर के रूप में अपना रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने परिवारों को बिजली के उपभोक्ता के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में सहभागी बनने का अवसर दिया है। आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ती यह पहल कोरबा में हरित ऊर्जा के विस्तार की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। योजना से लाभान्वित परिवारों ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील की है।