मजदूरी की चिंता से बच्चों के भविष्य की उम्मीद तक पहुंची सुनीता की जिंदगी

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 24 सितम्बर 2026/sns/- रोज कमाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाली सुनीता साहू के लिए बच्चों का पालन-पोषण और उनके बेहतर भविष्य की चिंता हमेशा बनी रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी और रोज की जरूरतों के बीच बच्चों की देखभाल के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना आसान नहीं था। ऐसे समय में शासन की श्रमिक हितैषी योजना ने सुनीता के परिवार को आर्थिक सहारा दिया और उनकी चिंता को उम्मीद में बदलने का काम किया।
सारंगढ़ तहसील के ग्राम उच्च मिट्ठी निवासी सुनीता साहू रेजा मजदूर के रूप में काम करती हैं। मेहनत-मजदूरी से मिलने वाली आमदनी से ही परिवार की जरूरतें पूरी होती थीं। बच्चों के पालन-पोषण और उनकी देखभाल को लेकर सुनीता के मन में हमेशा यही चिंता रहती थी कि सीमित आय में उनकी जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए और उन्हें बेहतर भविष्य कैसे दिया जाए।
श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना सुनीता के लिए ऐसे समय में सहारा बनकर आई। योजना के अंतर्गत उन्हें 20 हजार रुपए की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई। यह सहायता उनके लिए केवल आर्थिक राशि नहीं, बल्कि उस दौर में परिवार की जरूरतों को संभालने का महत्वपूर्ण संबल बनी। इस राशि से बच्चों के पोषण और देखभाल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें काफी मदद मिली।
सुनीता बताती हैं कि पहले बच्चों की जरूरतों को लेकर मन में हमेशा चिंता बनी रहती थी, लेकिन शासन की योजना से मिली सहायता ने उन्हें राहत दी है। अब वे अपने बच्चों की देखभाल पहले से बेहतर तरीके से कर पा रही हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर अधिक भरोसे के साथ आगे बढ़ रही हैं। उनके लिए यह बदलाव आर्थिक सहायता मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार को मुश्किल समय में संभलने का अवसर मिला है।
सुनीता कहती हैं कि मेहनत-मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए छोटी-सी आर्थिक मदद भी बड़ी राहत बन जाती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना से मिली सहायता ने उन्हें अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में मदद दी और भविष्य को लेकर उनका भरोसा बढ़ाया। श्रमिक परिवार की रोजमर्रा की चिंताओं के बीच शासन की यह सहायता सुनीता के लिए एक ऐसी उम्मीद बनी है, जिससे अब वह अपने बच्चों के बेहतर पालन-पोषण और उज्ज्वल भविष्य के सपने को और मजबूती से संजो पा रही हैं।

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