कौशल प्रशिक्षण से रानी पात्रे ने संवारा हुनर, सिलाई बनी आत्मनिर्भरता की पहचान

मुंगेली, 01 अक्टूबर 2026/sns/-  नगर पालिका मुंगेली निवासी श्रीमती रानी पात्रे ने कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने हुनर को आजीविका का मजबूत आधार बनाया है। उन्होंने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने सिलाई कार्य को स्वरोजगार के रूप में अपनाया और आज अपनी मेहनत एवं हुनर से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। रानी पात्रे ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई की तकनीक, कपड़ों की कटिंग, डिजाइन एवं सिलाई से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त हुई। प्रशिक्षण ने उनके अंदर मौजूद हुनर को निखारने के साथ उसे रोजगार से जोड़ने का अवसर दिया। इसके बाद उन्होंने सिलाई का कार्य शुरू किया और धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाया।
सिलाई कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए रानी अब विभिन्न प्रकार के कपड़े तैयार कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर सिलाई का काम मिलने से उनकी आय का नियमित स्रोत विकसित हुआ है। रानी ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण ने उन्हें केवल सिलाई का हुनर नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया। आज वे अपने काम को आगे बढ़ाने के साथ नए डिजाइन और तकनीक सीखकर सिलाई व्यवसाय को और बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं। रानी पात्रे की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने प्रशिक्षण का लाभ केवल अपने तक सीमित नहीं रखा। सिलाई में दक्षता हासिल करने के बाद अब वे कई लोगों को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी हुनर सिखा रही हैं। इस तरह उनका कौशल अन्य लोगों के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का हुनर जब दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है, तो आत्मनिर्भरता का दायरा और व्यापक होता है। वे चाहती हैं कि अधिक से अधिक महिलाएं कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार स्वरोजगार से जुड़ें। रानी पात्रे ने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशिक्षण ने उन्हें अपने हुनर को पहचानने और उसे आय के साधन में बदलने का अवसर दिया।

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