सेवा की कहानीः डबरी से ठिबुल राम ने तैयार किया आजीविका का नया आधार

अम्बिकापुर, 02 अक्टूबर 2026/sns/- ग्राम लोसगी के जामझोर पारा निवासी पहाड़ी कोरवा किसान ठिबुल राम ने अपनी उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए डबरी को आजीविका और खेती का आधार बनाया है। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत बनी डबरी में उन्होंने मछली पालन शुरू किया है। इसके साथ ही डबरी के पानी का उपयोग सिंचाई में करने और मेड़ को उपयोगी बनाने की दिशा में भी पहल की है।

ठिबुल राम बताते हैं कि उनके पास थोड़ी जमीन उपलब्ध थी। उन्होंने इस जमीन पर मछली पालन और सिंचाई की सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से ग्रामीण रोजगार योजना के तहत डबरी निर्माण कराया। डबरी बनने के बाद उन्होंने अपने दरिमा से 17 किलो मछली बीज उसमें डाला है। मछलियों के तैयार होने पर बिक्री कर उन्हें अच्छी आमदनी मिलने की उम्मीद है।

खाली मेड़ को भी बनाया उपयोगी
ठिबुल राम ने डबरी के साथ आसपास की जमीन का भी उपयोग किया है। उन्होंने मेड़ पर अरहर के साथ आम, मुनगा और नींबू के पौधे लगाए हैं। डबरी में उपलब्ध पानी से इन पौधों और साग सब्जी की सिंचाई में भी मदद मिलेगी। इस तरह एक ही संरचना से मछली पालन, पौधरोपण और सिंचाई की सुविधा विकसित हुई है।

डबरी बनने से पहले उनके पास पानी संग्रहण की ऐसी सुविधा नहीं थी। अब वर्षाजल को सहेजने के साथ खेती के लिए पानी उपलब्ध होने और मछली पालन से अतिरिक्त आय की संभावना बनी है।

17 किलो मछली बीज से बेहतर आमदनी की उम्मीद
मछली पालन को आय का माध्यम बनाने के लिए ठिबुल राम ने 17 किलो मक्षली डबरी में डाला है। उनका कहना है कि मछलियां बड़ी होने के बाद उन्हें बाजार में बेचेंगे। इससे होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार होगी। डबरी के किनारे अरहर, आम, मुनगा और नींबू भी लगाया है

जल संरक्षण के साथ आजीविका की राह
ठिबुल राम की डबरी बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की छोटी संरचनाएं आजीविका के कई अवसर तैयार कर सकती हैं। डबरी से जहां सिंचाई के लिए पानी का साधन मिला है, वहीं मछली पालन से अतिरिक्त आय की संभावना और मेड़ पर लगाए गए पौधों से जमीन का बेहतर उपयोग हो रहा है।

सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत सामने आई यह “सेवा की कहानी” रोजगारमूलक कार्य से निर्मित परिसंपत्ति के आजीविका संवर्धन में उपयोग का उदाहरण है। डबरी निर्माण से मिली सुविधा पर ठिबुल राम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेत में डबरी बनने से आजीविका का माध्यम बना है।

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