सेवा की कहानीः डबरी के गहरीकरण से बाबूनाथ की खेती को मिला सहारा

अम्बिकापुर, 08 अक्टूबर 2026/sns/-   ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विकास से किसानों को खेती-किसानी के साथ आजीविका के अतिरिक्त अवसर मिल रहे हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण एवं गहरीकरण जैसे कार्य किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ऐसी ही कहानी ग्राम अम्बिकापुर विकासखंड के ससकालो निवासी किसान श्री बाबूनाथ की है। डबरी का गहरीकरण होने से उन्हें सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है। इसके सहारे वे साग-सब्जी की खेती कर रहे हैं। साथ ही डबरी में मछली पालन से भी उन्हें लाभ मिल रहा है।

डबरी के गहरीकरण से बढ़ी जल संग्रहण क्षमता, खेती के लिए मिला पानी
श्री बाबूनाथ बताते हैं कि उनकी डबरी का गहरीकरण एवं मरम्मत कार्य कराया गया है। इससे डबरी में पानी संग्रहित करने की सुविधा बेहतर हुई है। अब वे इस पानी का उपयोग साग-सब्जी की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। पहले सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता को लेकर परेशानी होती थी, लेकिन डबरी का गहरीकरण होने के बाद खेती-किसानी में सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि डबरी में पानी उपलब्ध होने से साग-भाजी की खेती कर पा रहे हैं। इससे परिवार के लिए आवश्यक सब्जियां मिल जाती हैं और बाजार पर निर्भरता भी कम हुई है।

सब्जी उत्पादन से निकल रहा खेती का खर्च, परिवार को मिल रही राहत
बाबूनाथ बताते हैं कि डबरी के पानी से उगाई जा रही साग-सब्जियों से परिवार की घरेलू जरूरतें पूरी हो रही हैं। आवश्यकता के अनुसार सब्जियों को बाजार तक भी पहुंचाया जाता है। वे स्वयं बाजार जाते हैं और जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भेजते हैं।

सब्जी उत्पादन से होने वाली आमदनी खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मददगार बन रही है। बाबूनाथ का कहना है कि डबरी में पानी उपलब्ध रहने से वे नियमित रूप से साग-सब्जी उगा पा रहे हैं, जिससे परिवार के खानपान के साथ आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग मिल रहा है।

डबरी में मछली पालन से आजीविका का अतिरिक्त साधन
डबरी के गहरीकरण के बाद उसमें मछली बीज भी डाले गए हैं। इससे बाबूनाथ को खेती के साथ मछली पालन का अवसर मिला है। डबरी का उपयोग अब केवल सिंचाई के लिए ही नहीं, बल्कि आजीविका की अन्य गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा है।

बाबूनाथ बताते हैं कि डबरी से उन्हें कई तरह के लाभ मिल रहे हैं। एक ओर पानी से साग-सब्जियों की खेती हो रही है, वहीं दूसरी ओर मछली पालन से भी परिवार को लाभ मिल रहा है। इससे उपलब्ध जल संसाधन का बेहतर उपयोग हो रहा है।

डबरी से मिला सिंचाई का साधन, बाबूनाथ ने साझा किया अनुभव
श्री बाबूनाथ ने बताया, ‘‘मेरी डबरी का गहरीकरण कराया गया है। उसमें मछली भी डाली गई है। अब डबरी के पानी से साग-सब्जी उगाता हूं। घर में खाने-पीने के लिए सब्जियां मिल जाती हैं। सब्जी से खेती का खर्च भी निकल रहा है। डबरी से सिंचाई का अच्छा साधन मिल गया है। इससे मुझे बहुत फायदा हुआ है।’

उन्होंने कहा कि डबरी का गहरीकरण किसानों के लिए लाभकारी है। इससे खेती के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित करने में भी सुविधा मिलती है।

श्री बाबूनाथ ने डबरी के गहरीकरण एवं सिंचाई सुविधा मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डबरी की मरम्मत से उन्हें खेती-किसानी के लिए पानी का साधन मिला है। इससे सब्जी उत्पादन और मछली पालन में मदद मिल रही है।

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