लखपति दीदियों के सशक्तिकरण के लिए विभागीय अभिसरण बैठकों की शुरुआत

अम्बिकापुर, 22 अक्टूबर 2026/sns/- सरगुजा जिले में लखपति दीदियों की आय बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभागीय अभिसरण बैठकों की शुरुआत 22 अक्टूबर से हुई। कलेक्टर के निर्देश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले के सभी महिला आजीविका क्लस्टर संगठनों में 28 अक्टूबर तक चरणबद्ध तरीके से बैठकें आयोजित की जा रही हैं

बैठक के पहले दिन कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, रेशम, स्वास्थ्य, आयुष एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान लखपति दीदियों की जरूरतों और मांगों पर चर्चा की गई। इसके आधार पर कार्ययोजना तैयार कर पात्र महिलाओं को संबंधित विभागों की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

कृषि एवं पशुपालन विभाग ने दी योजनाओं की जानकारी
कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेती बचाओ अभियान, स्वास्थ्य धारा समृद्ध किसान एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी दी। महिलाओं को मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसल चयन और संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में बताया गया। पशुपालन विभाग ने पशु बीमा योजना के लाभ एवं पात्रता की जानकारी देते हुए महिलाओं को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

उद्यानिकी एवं रेशम उत्पादन से बढ़ेंगे आजीविका के अवसर
उद्यानिकी विभाग ने फलदार पौधों के रोपण, बागवानी और विभागीय योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान एवं सब्सिडी की जानकारी दी। वहीं रेशम विभाग के अधिकारियों ने रेशम कीट पालन, कोकून उत्पादन और इससे आय अर्जित करने के अवसरों के बारे में बताया।

विभागीय समन्वय से महिलाओं को मिलेगा योजनाओं का लाभ
बैठक में वीबी-जी राम जी एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों को अन्य विभागों की योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा हुई। ग्रामीण विकास कार्यों और आजीविका गतिविधियों में समन्वय स्थापित कर महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा सामुदायिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य एवं आयुष सेवाओं के प्रति किया जागरूक
स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत उपलब्ध निःशुल्क दवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष स्वास्थ्य शिविरों की जानकारी दी। साथ ही थायरॉइड सहित अन्य बीमारियों की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं के बारे में बताया गया।

बैठकों में महिला समूहों की जरूरतों के अनुसार विभागीय

योजनाओं से जोड़ने और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले दिन विभिन्न संकुल संगठनों में संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, क्लस्टर संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य एवं लखपति दीदियां शामिल हुईं। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

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