संस्कृति हमारी पहचान, इसे संरक्षित करना युवाओं की जिम्मेदारी

अम्बिकापुर, 27 अक्टूबर 2026/ sns/-   जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग सरगुजा के संयुक्त तत्वावधान में पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम हॉल, अम्बिकापुर में जिला स्तरीय युवा उत्सव-2026 का शुभारंभ  किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद श्री चिंतामणि महाराज एवं महापौर श्रीमती मंजूषा भगत उपस्थित रहे। इस युवा उत्सव में लोक नृत्य, लोक गीत, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, रॉक बैंड (राज्य स्तरीय), विकसित भारत चैलेंज ट्रैक, क्रिएटिव यूथ रील चैलेंज, पारंपरिक वेशभूषा एवं चित्रकला जैसी विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिता का किया जाएगा। उत्सव में युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही लोक संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने का अवसर प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखण्डों से युवा प्रतिभागी शामिल हुए हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है और सभ्यता एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में सांस्कृतिक मूल्यों और पारंपरिक नृत्य-संगीत की मूल भावना में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के साथ उसे प्रोत्साहित करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित होना चाहिए। जब अभिभावक स्वयं अपनी संस्कृति से दूर होने लगते हैं, तो आने वाली पीढ़ी तक सांस्कृतिक मूल्यों को पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने युवाओं से प्राचीन संस्कृति को संरक्षित करने के साथ उसे नया जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध होने की अपील की। साथ ही सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने कहा कि ऐसे आयोजनों से सरगुजा की समृद्ध संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को अपनी जनजातीय विरासत को संजोने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए आगे आना चाहिए। युवा उत्सव जैसे आयोजन स्थानीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें राज्य और देश की विविध संस्कृतियों से परिचित होना चाहिए। प्रत्येक राज्य की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं हैं, जिन पर हमें गर्व होना चाहिए। सदियों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपराओं को हमारे पूर्वजों ने सहेजकर रखा है। अब इन्हें संरक्षित करने और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हमारी है।
उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति के प्रति गर्व के साथ-साथ अन्य संस्कृतियों के प्रति सम्मान की भावना भी आवश्यक है। देश की विविध सांस्कृतिक परंपराएं हमारी एकता और पहचान को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपने प्रयासों में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने और सामूहिक सहभागिता से प्रदेश एवं देश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, श्री शशिकांत जायसवाल, पीजी कॉलेज के प्राचार्य श्री अनिल सिन्हा, श्रीमती प्रियंका चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, युवा प्रतिभागी एवं उपस्थित नागरिक शामिल हुए।

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