भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में लिबरल आर्ट्स विभाग द्वारा चौथी स्नातकोत्तर शोध संगोष्ठी का आयोजन
दुर्ग, 06 नवम्बर 2026/sns/- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिबरल आर्ट्स विभाग द्वारा दिनांक 2 एवं 3 नवंबर 2026 को चौथी स्नातकोत्तर शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष संगोष्ठी का विषय “दैनिक जीवन और उसमें आने वाले व्यवधान: सामान्य जीवन की दिनचर्या एवं बदलाव” था। इस अवसर पर ईसर पुणे की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शालिनी शर्मा ने मुख्य व्याख्यान दिया। उनके व्याख्यान का विषय “दैनिक जीवनरू एक नई सोच, दृष्टिकोण और रचनात्मकता के अवसर के रूप में व्यवधान” था। डॉ. शर्मा ने अपने व्याख्यान में बताया कि दैनिक जीवन की सामान्य दिनचर्या में आने वाले बदलाव और व्यवधान किस प्रकार नई सोच, रचनात्मकता एवं शोध के नए अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे अनुभवों से हम अपने आसपास की चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। इस वर्ष आयोजित स्नातकोत्तर शोध संगोष्ठी में देशभर के शोधार्थियों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इन शोध पत्रों में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के विभिन्न विषयों पर बहुविषयक दृष्टिकोण से चर्चा की गई। प्रस्तुत शोध में दैनिक जीवन की सामान्य दिनचर्या में आने वाले विभिन्न बदलावों एवं व्यवधानों का अध्ययन किया गया तथा यह समझने का प्रयास किया गया कि किस प्रकार ये विषय बौद्धिक चिंतन और शोध के नए अवसर प्रदान करते हैं। शोध पत्रों में समकालीन जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे श्रम, देखभाल, प्रवासन तथा ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही स्मृतियों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस शोध संगोष्ठी के अंतर्गत साउथ एशिया रिसर्च के सहयोग से एक शैक्षणिक लेखन कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन मोंक प्रयोगशाला के रिसर्च ऑथर (शोध लेखक) डॉ. अनिरुद्ध टागट ने किया। उल्लेखनीय है कि उदार कला विभाग द्वारा प्रतिवर्ष स्नातकोत्तर शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान के शोधार्थियों को अपना शोध कार्य प्रस्तुत करने तथा समसामयिक एवं सामाजिक महत्व के विषयों पर अकादमिक चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करना है। इस संगोष्ठी में विशेष रूप से दक्षिण एशियाई संदर्भों से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।