कृषक श्री देवनारायण की धान की उपज राशि बेटियों की पढ़ाई और विवाह में सहायक

दुर्ग, 22 जनवरी 2026/sns/- पुलगांव निवासी श्री देवनारायण एक छोटे किसान हैं। पौन एकड़ भूमि पर मोटा धान लगाकर उन्होंने कड़ी मेहनत और सीमित संसाधनों के बावजूद 15 क्विंटल धान का उत्पादन किया। पति-पत्नी दोनों रोज़ मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और छोटे-छोटे बचत से घर की आवश्यकताए पूरी करते हैं। इसी क्रम में आज वे अपने धान के बोरे लेकर उपार्जन केंद्र कोलिहापुरी पहुंचे। शासन द्वारा स्थापित धान खरीदी व्यवस्था के अंतर्गत न केवल उनकी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी गई, बल्कि पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में सुनिश्चित किया गया।
श्री देवनारायण की दो बेटियाँ हैं, जो वर्तमान में अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपनी बेटियों की शिक्षा में करेंगे तथा शेष राशि को अपने सेविंग एकाउंट में जमा करेंगे। यह बचत आगे चलकर बेटियों के विवाह में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों के सभी प्रकार के धानों का उठाव किया जा रहा है। यह कहानी केवल एक छोटे किसान परिवार की नहीं है, बल्कि शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था की सफलता को भी दर्शाती है, जिसका प्रभाव ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उपार्जन केंद्र, समर्थन मूल्य, सीधा भुगतान और किसान-हितैषी योजनाएँ आज छोटे किसानों के जीवन में आत्मविश्वास, सुरक्षा और आशा का संचार कर रही हैं।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *