प्रतिभावान छात्रों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षाउत्कृष्ट
जगदलपुर, 07 अप्रैल 2026/sns/- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए श्मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजनाश् (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों से इम्पैनलमेंट के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में स्थित सीबीएसई या आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त उन उत्कृष्ट निजी विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जहाँ शिक्षण संस्थान और छात्रावास एक ही परिसर में संचालित हो रहे हों।
विभाग द्वारा इस वर्ष कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए कुल 200 विद्यार्थियों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के 130 और अनुसूचित जाति वर्ग के 70 विद्यार्थियों को इन चयनित संस्थानों में प्रवेश दिलाकर उन्हें कक्षा 12वीं तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जाएगी। चयनित विद्यालयों को विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाएगी। संस्थाओं के चयन के लिए कड़े मापदंड निर्धारित किए गए हैं, जिसमें विद्यालय का कम से कम 5 वर्ष पुराना होना, स्वयं का सुसज्जित भवन, डिजिटल क्लासरूम, खेल मैदान और मानक स्तर के पृथक बालक-बालिका छात्रावास होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, विगत तीन वर्षों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से अधिक होना और विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग व गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था जैसे मानकों पर 100 अंकों के आधार पर विद्यालयों का श्रेणीकरण किया जाएगा।
इच्छुक संस्थाएं 1000 रुपये के आवेदन शुल्क और 5 लाख रुपये की अमानत राशि साथ अपना प्रस्ताव संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में जमा कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026, शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। संस्थाएं अपना आवेदन पंजीकृत डाक, ई-मेल या व्यक्तिगत रूप से सौंप सकती हैं, जिसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रारूप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। यह योजना न केवल छात्रों को प्रतिस्पर्धी बनाने और उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होगी, बल्कि उन्हें नई सोच के साथ बेहतर करियर चयन के अवसर भी प्रदान करेगी।