*“तारुण्य वार्ता हैशटैग पीरियड्स पर खुलकर” अभियान के लिए तैयार हुए मास्टर ट्रेनर्स
*रायपुर, 14 मई 2026। यूनिसेफ एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्यभर से आए स्काउट्स एवं गाइड्स लीडर्स को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, लैंगिक समानता और किशोर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य “तारुण्य वार्ता हैशटैग पीरियड्स पर खुलकर अभियान” को प्रदेश के सभी जिलों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। अभियान का समापन 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर किया जाएगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से जिला संगठन आयुक्त (स्काउट एवं गाइड) तथा महिला लीडर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत यूनिसेफ की वॉश ऑफिसर बिरजा कबी सतपथी द्वारा प्रतिभागियों से संवाद के साथ हुई। उन्होंने प्रतिभागियों से मासिक धर्म से जुड़े उनके प्रथम अनुभव और जानकारी के स्रोतों पर चर्चा की। इस दौरान मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक झिझक पर खुलकर संवाद करते हुए शंकाओं का समाधान किया गया।यूनिसेफ के एसबीसी कंसल्टेंट अभिषेक त्रिपाठी ने सामाजिक मानदंड, समुदाय का जुड़ाव तथा युवा सहभागिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है। यूनिसेफ के आशिष कुमार ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी दी।प्रशिक्षण के दूसरे दिवस रायपुर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.वी. मसीह ने मासिक धर्म से जुड़ी तकनीकी जानकारियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्टेट कोऑर्डिनेटर मेंबरशिप ग्रोथ मोहम्मद सादिक शेख एवं स्टेट कोऑर्डिनेटर ओवाईएमएस दिलीप पटेल ने जिलों में स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स एवं अन्य लीडर्स के माध्यम से अभियान के क्रियान्वयन की जानकारी दी।प्रशिक्षण के समापन अवसर पर राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह अभियान किशोरों में मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा इससे जुड़े मिथकों एवं झिझक को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स, गाइड्स राज्यभर में युवा दूत के रूप में कार्य करेंगे|