प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने बनाए कार्य योजना कलेक्टर श्रीमती प्रजापति
मोहला, 22 मई 2026/sns/-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में जिला कौशल विकास प्राधिकरण की बैठक लेकर जिले में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं रोजगारपरक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कौशल विकास योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं का व्यवस्थित सूचीकरण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं से संपर्क कर यह जानकारी एकत्रित की जाए कि वे आगे किस प्रकार के रोजगार से जुड़ना चाहते अथवा स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं। इसके आधार पर युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन एवं बैंक ऋण उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में कलेक्टर ने कौशल विकास अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रोजगारोन्मुखी कोर्स, ऑन जॉब ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, युवाओं की सहभागिता तथा प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्धता की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता एवं बाजार की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि उन्हें आसानी से रोजगार प्राप्त हो सके। साथ ही स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं को बैंक ऋण, शासकीय योजनाओं एवं तकनीकी मार्गदर्शन से जोड़ने के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन व्यावहारिक एवं परिणाम मूलक होना चाहिए। प्रशिक्षण ऐसा हो जिससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़े और वे अपने कौशल के आधार पर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें। उन्होंने युवाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल कार्य प्रणाली एवं रोजगार आधारित कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर भी जोर दिया। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कौशल विकास कार्यक्रमों का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की प्रगति का फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।