सीएम हेल्पलाइन 1076 से शिकायतों का होगा त्वरित निराकरण
रायगढ़, 22 मई 2026/sns/- राज्य शासन द्वारा आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निराकरण के उद्देश्य से शुरू की जा रही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी संचालन को लेकर शुक्रवार को रायगढ़ कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई बार विभिन्न कारणों से शिकायतों के निराकरण में विलंब होता है, लेकिन अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली लागू होने से समय-सीमा के भीतर शिकायतों के समाधान की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझें और निर्धारित समयावधि में शिकायतों के निराकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की औपचारिक शुरुआत से पहले यह प्रशिक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि जिला और विकासखंड स्तर पर पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संचालन, जवाबदेही और तकनीकी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी राकेश गोलछा, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि विकासखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
राज्य स्तर से पहुंचे सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार आर.के. शर्मा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि नागरिक किसी भी विभाग से संबंधित शिकायतें 24 घंटे दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के संचालन के लिए कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी तय की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि आमजन टोल फ्री नंबर 1076 पर निःशुल्क कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों से भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ श्रीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख आधारों, शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध निराकरण, नागरिक फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा प्रभावी निगरानी पर आधारित होगी। प्रत्येक शिकायत के लिए 12 अंकों का एक विशिष्ट टोकन नंबर जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। अधिकारियों को शिकायत निराकरण की एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 श्रेणियों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विभागवार अधिकारियों की विभिन्न स्तरों पर मैपिंग की गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद वह संबंधित विभाग के एल-1 अधिकारी के पास पहुंचेगी और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर शिकायत स्वतः उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगी। प्रशिक्षण में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को लॉगिन प्रक्रिया, प्रोफाइल अपडेट, डैशबोर्ड संचालन, लंबित शिकायतों की समीक्षा, समाधान विकल्प चयन और प्रतिवेदन अपलोड करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि वर्तमान में देश के 14 राज्यों में एकीकृत शिकायत निवारण हेल्पलाइन संचालित है और छत्तीसगढ़ जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ करने वाला देश का 15वां राज्य बनेगा।