गांवों तक पहुंची सरकार मौके पर ही हो रहा समस्याओं का त्वरित समाधान

सुकमा, 25 मई 2026/sns/-जिले में “सुशासन तिहार 2026“ के तहत प्रशासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में आयोजित ये शिविर आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। प्रशासन की इस अनूठी पहल से ग्रामीणों को अब अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं और कागजी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है।शिविर में आए बोरगुड़ा निवासी श्री नुप्पो जोगा के लिए यह दिन बेहद खास रहा, जब उन्हें मिले वनाधिकार पत्र का मौके पर ही तत्काल एग्रीस्टेक पंजीयन (डिजिटल कृषि पहचान) कर दिया गया। खुशी जाहिर करते हुए श्री जोगा ने बताया कि इस एग्रीस्टेक पंजीयन से अब उन्हें जमीन के बदले आसानी से बैंक लोन मिल सकेगा और वे अपनी धान की फसल को समर्थन मूल्य पर बेच पाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को शिविर में ही ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि प्रशासन का अंतिम लक्ष्य जिले के प्रत्येक ग्राम में व्यक्तिमूलक योजनाओं और सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (पूर्णता) सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक लाभ से वंचित न रहे।
इसी कड़ी में सुकमा विकासखंड के ग्राम बोरगुड़ा में आयोजित शिविर खुशियों की सौगात लेकर आया। यहाँ ग्रामीणों को जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे उनके चेहरे खिल उठे। शिविर में केवल प्रशासनिक कार्य ही नहीं हुए, बल्कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चार गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी पूरे उत्साह के साथ अदा की गई। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन संवेदनशीलता के साथ हर वर्ग को अपने साथ जोड़ रहा है।
इन शिविरों की सबसे बड़ी खासियत इनका त्वरित और पारदर्शी होना है। ग्रामीणों के आवश्यक राजस्व कार्य जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के साथ-साथ आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड और जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण जैसे काम मौके पर ही पूरे किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़े बुनियादी मुद्दों जैसे बिजली, ट्रांसफार्मर सुधार, हैंडपंप मरम्मत, मनरेगा भुगतान, पेंशन, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के मामलों का भी तेजी से निराकरण किया जा रहा है। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पंचायत सचिवों द्वारा हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित की जा रही है।

About The Author